हरियाणा के रोहतक जिले में शादी के बाद ससुुराल जा रही दुल्हन तनिष्का पर फायरिंग के मामले में कई नए खुलासे हुए हैंं। गर्दन, हाथ व पेट में पांच गोलियां लगने के बावजूद तनिष्का को खुद से ज्यादा पति मोहन की फिक्र थी। लहूलुहान हालत में पीजीआई पहुंचने तक उसने पांच बार अपने पति से पूछा, आप तो ठीक हो ना। पीजीआई में डॉक्टरों ने उसकी चार गोलियां तो निकाल दी हैं, लेकिन अब भी वह जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रही है। वहीं दूल्हे मोहन ने बताया कि तनिष्का का परिवार उसकी रिश्तेदारी में आता है। तीन माह पहले दोनों के बीच रिश्ता तय हुआ। बैंड-बाजे के साथ वह बुधवार को बरात लेकर सांपला पहुंचा। धूमधाम से शादी हुई, लेकिन किसी को अनहोनी की आशंका नहीं थी। रात करीब साढ़े 10 बजे विदाई के बाद वे भाली आनंदपुर के लिए रवाना हुए। कार उसका चचेरा भाई सुनील चला रहा था, जबकि साला उज्ज्वल आगे बैठा था। जबकि मोहन दुल्हन के साथ पीछे बैठा था। गांव के शिव मंदिर के सामने ओवरटेक करके गाड़ी आई और उसमें से नीचे उतरे दो युवकों ने तनिष्का को गोलियां मार दीं।