लॉरेंस बिश्नोई
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हरियाणा पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गुरमेल जेल में रहते हुए लॉरेंस गैंग के अन्य सदस्यों से भी संपर्क में आया था। उसके बाद जब वह जमानत पर बाहर आया तो उसे लॉरेंस गैंग के गुर्गों ने मुंबई बुलाया। इस तरह वह धीरे-धीरे इस खतरनाक नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
गुरमेल और करनैल का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरमेल ने अपने साथी करनैल के साथ मिलकर बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर की रेकी की थी। करनैल, जो पिछले डेढ़ से दो महीने से मुंबई में था, बाबा सिद्दीकी पर नजर रख रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, करनैल के माता-पिता की मौत हो चुकी है, और वह करीब छह महीने पहले गांव आया था, लेकिन उसके बाद से वह फिर नहीं लौटा। यह इस बात को दर्शाता है कि कैसे छोटे गांवों के युवक अपराध की दुनिया में खींचे जा रहे हैं।
हरियाणा पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने गुरमेल और करनैल की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक विशेष टीम बनाई है। सूत्रों का कहना है कि इस तरह के मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।