हरियाणा के झज्जर में टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर की नौकरी करने वाले कुलासी गांव निवासी सुनील खत्री ने नौकरी छोड़ कर मशरूम की खेती अपनाते हुए आर्थिक स्थिति ही मजबूत नहीं की बल्कि और लोगों को भी आमदनी बढ़ाने के रास्ता दिखा रहे हैं। गांव व आसपास क्षेत्र के करीब 20 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। मशरूम को तैयार करने से मार्केट तक पहुंचाने वाले को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रहे है। क्षेत्र के जागरूक किसान कोई ना कोई नया उत्पादन कर अलग मिसाल कायम कर रहे हैं। सौलधा गांव में अपने मामा के खेत पर सुनील खत्री ने करीब 40 फुट लंबे 16 फुट चौड़े चार कमरों का मशरूम का एसी प्लांट लगाकर खेती कर रहे हैं। वह इस समय अन्य तरीकों से तैयार की जाने वाली मशरूम से बेहतर क्वालिटी पैदावार कर रहा है और सामान्य मशरूम से उनका मशरूम महंगा भी बिकता है।