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Jyoti Malhotra: दोषी साबित हुई तो ज्योति को हो सकती है उम्रकैद की सजा, जमानत भी नहीं मिलेगी; सजा का ये है नियम

Thu, 22 May 2025 12:14 PM IST
शाहरुख खान मनोज कौशिक, अमर उजाला, हिसार

सार

पाक के लिए जासूसी के शक में गिरफ्तार ज्योति दोषी साबित हुई तो उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। ज्योति मल्होत्रा पर जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है उनमें उम्रकैद की सजा का भी प्रावधान है। उसे जमानत भी नहीं मिलेगी।
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Jyoti Malhotra - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई ज्योति मल्होत्रा को पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने ज्योति की चार दिन का रिमांड और बढ़ा दी है। हिसार पुलिस गुरुवार सुबह साढ़े 9 बजे कोर्ट लाई थी। करीब डेढ़ घंटे तक उसके रिमांड पर बहस चली। जिसके बाद हिसार पुलिस को उसका चार दिन का रिमांड और मिल गया। इस दौरान किसी अधिकारी ने मीडिया से बात नहीं की। 
आपको बता दें कि ज्योति पर जिन संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उसमें दोषी साबित होने पर उम्रकैद की सजा तक हो सकती है। इतना ही नहीं ज्योति के खिलाफ दर्ज भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 के तहत जमानत मिलने का भी प्रावधान नहीं है।
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Jyoti Malhotra - फोटो : facebook @TravelWithJo
पांच दिन के रिमांड के दौरान ज्योति से राष्ट्रीय जांच एंजेसी (एनआईए) इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) और सीआईए पुलिस ने क्या जानकारी और सबूत इकट्ठे किए हैं। इसके आधार पर ही अब आगे की कार्रवाई चलेगी। 

 
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Jyoti Malhotra - फोटो : facebook @TravelWithJo
ज्योति पर (बीएनएस) की धारा 152 के साथ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। दोनों ही धाराएं बेहद संगीन हैं। कोर्ट की कार्रवाई में अब तार्किक आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ज्योति को लेकर क्या निर्णय लिया जाए।

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jyoti malhotra youtuber - फोटो : Insta @TravelWithJo
इसमें 1923 की धारा 3, 4 और 5 का कानून ब्रिटिश काल से चला रहा है। जिसमें बाद में कुछ संशोधन भी किए गए। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता राकेश गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज की धाराओं के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।

 
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jyoti malhotra youtuber - फोटो : Insta @TravelWithJo
ये है बीएनएस धारा 152, सजा का ये है नियम 
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 ऐसे लोगों के खिलाफ दर्ज की जाती है, जो किसी भी प्रकार से देश को बांटने या उसकी सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास करते हैं। भारत की संप्रभुता, एकता, और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ यह धारा सख्त कार्रवाई का प्रावधान करती है।
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jyoti malhotra youtuber - फोटो : Insta @TravelWithJo
वर्तमान समय के अनुसार जो भी व्यक्ति जानबूझकर अपने भाषण, अपने लेख या किसी चित्र द्वारा देश में हिंसा बढ़ाने या अपराध होने की संभावना पैदा करें। सोशल मीडिया, ईमेल, मैसेजिंग एप्स या अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके देश को तोड़ने वाले कार्य करे या अपने पैसों का इस्तेमाल देश को तोड़ने वाले लोगों के फायदे में करे तो धारा 152 के तहत यह दंडनीय अपराध है।
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jyoti malhotra youtuber - फोटो : Insta @TravelWithJo
धारा 152 के अंतर्गत दोषी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए 7 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। सजा के साथ जुर्माना व देश से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगाने के साथ संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। 

 

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jyoti malhotra youtuber - फोटो : Insta @TravelWithJo
एक्ट 1923 की धारा 3, 4 और 5 और सजा का ये नियम 
अधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 की धाराएं उन लोगों पर लगाई जाती है, जिन पर जासूसी का आरोप हो। यह कानून देश की सुरक्षा और सरकारी गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। अगर कोई व्यक्ति इसका अल्लंघन करता है तो गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जाता है। अगर अधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 के तहत कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे 14 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। हालांकि इसके धारा-3 के तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। 

 

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Jyoti Malhotra - फोटो : facebook @TravelWithJo
धारा-4 के तहत तीन साल की सजा या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। लेकिन अगर किसी ने खुफिया जानकारी, भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी साझा करने में दोषी पाया जाता है तो उसे 14 साल तक की सजा हो सकती है। कुछ गंभीर मामलों में आरोपी देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता हो तो उसे आजीवन कारावास की सजा भी हो सकती है।
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राकेश गौड़, सीनियर अधिवक्ता - फोटो : संवाद
युवा संभलकर करें सोशल मीडिया का प्रयोग, बर्बाद कर सकती है गलती
ज्योति मल्होत्रा पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और अधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज हुआ है। ज्योति अभी आरोपी है, जांच में जो भी सबूत जुटाए जाएंगे उसी आधार पर केस का रुख रहेगा। दोष साबित होने पर ही इन धाराओं के तहत सजा का प्रावधान लागू होगा। सबूतों के आधार पर कोर्ट निर्धारित करेगा। धाराएं संगीन है और इसमें तीन साल से लेकर उम्रकैद, संपत्ति जब्त, प्रतिबंध लगाने जैसे प्रावधान हैं। बीएनएस की धारा 152 के तहत जमानत मिलना भी मुश्किल होता है। यही सुझाव है कि युवाओं को बेहद गंभीरता से सोशल मीडिया का प्रयोग करना चाहिए। एक छोटी सी गलती जीवन बर्बाद कर सकती है।
-राकेश गौड़, सीनियर अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली एवं सीनियर पैनल कांउसिल, केंद्र सरकार

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