पानी पीने के लिए पहाड़ी पर बने तालाब की ओर बढ़ते पशु।
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ग्रामीण बोले : कल्लूराम की मेहनत रंग लाई, नहीं मांगी किसी की मदद
कल्लूराम ने अपने 50 साल की मेहनत से ऐसा काम किया है जो किसी अजूबे से कम नहीं है। पहाड़ को काटकर लंबा, गहरा और चौड़ा तालाब बनाना आसान काम नहीं है। पूरा गांव इस कार्य की सराहना करता है। मेरी उम्र करीब 62 वर्ष है। -प्रताप सिंह, पूर्व सरपंच
कल्लूराम ने ऐसा काम किया है जिसकी कल्पना शायद ही कोई इंसान कर सकता है। अकेले दम पर संसाधनों की कमी के बावजूद पशुओं की भलाई के लिए तालाब बनाना आसान काम नहीं है। मेरी उम्र 69 वर्ष है और मैंने स्वयं उसे ऐसा करते देखा है। -लख्मीचंद शर्मा, ग्रामीण