भिवानी के जैन चौक क्षेत्र वासी 85 वर्षीय सुंदरदास भोगड़ी (भाड़ भूनने) का काम करते हैं। उनके परिवार में उनकी 80 वर्षीय पत्नी शीला के अलावा छह बेटे नरेश, गोविंद, सतपाल, ललित, संजय और बाबा और एक बेटी है।
विज्ञापन
1 of 5
हांसी हादसे में भिवानी के परिवार की मौत
- फोटो : फाइल
भिवानी-जींद मुख्य मार्ग पर रविवार देर शाम को हुए सड़क हादसे ने भिवानी के जैन चौक स्थित सुंदरदास मखीजा के परिवार को पूरी तरह से तोड़ डाला। उनका बेटा डॉ. गोविंद हिसार के एक निजी अस्पताल में अभी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। वहीं सड़क हादसे में गोविंद की पत्नी 50 वर्षीय डॉली, बेटे 26 वर्षीय डॉ. साहिल, भाभी 50 वर्षीय रजनी और रजनी के 11 साल के बेटे आराध्य की मौत हो गई। एक ही परिवार के चार सदस्य एक सड़क हादसे की भेंट चढ़ गए। इस दर्दनाक सड़क हादसे के बाद से ही मखीजा परिवार के घर व इलाके में मातम पसरा है।
भिवानी के जैन चौक क्षेत्र वासी 85 वर्षीय सुंदरदास भोगड़ी (भाड़ भूनने) का काम करते हैं। उनके परिवार में उनकी 80 वर्षीय पत्नी शीला के अलावा छह बेटे नरेश, गोविंद, सतपाल, ललित, संजय और बाबा और एक बेटी है। डॉ. गोविंद का रेवाड़ी जिले के कोसली में क्लीनिक है और वे कई वर्षों से अपने परिवार के साथ वहीं पर रहते हैं। गोविंद का एक बेटा डॉ. साहिल और एक बेटी है।
विज्ञापन
2 of 5
डॉ. गोविंद, उनकी पत्नी और बेटा।
- फोटो : फाइल
डॉ. गोविंद ने अपनी बेटी की शादी पिछले साल ही कैथल जिले के कलायत में की थी। बेटी की ससुराल में पहली दीपावली थी, इसलिए सभी बड़े चाव से उसे शगुन देने के लिए भिवानी से कलायत गए थे। डॉ. गोविंद के साथ गाड़ी में उनकी पत्नी 50 वर्षीय डॉली, बेटा साहिल और भाभी रजनी और 11 साल का भतीजा आराध्य भी था। ये सभी बेटी की ससुराल में दीपावली का शगुन देकर लौट रहे थे।
बेटी के साथ दामाद व समधी ने भी गोविंद को रात में वहीं रुक जाने के लिए काफी अनुरोध किया, लेकिन गोविंद नहीं माना और गाड़ी में सवार होकर सभी घर के लिए निकल पड़े। गांव बास-मदनहेड़ी के बीच मुंढाल की तरफ से जींद जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार व दो बाइकों को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में कार में सवार गोविंद की पत्नी डॉली, बेटा साहिल, भाभी रजनी और भतीजे आराध्य की मौत हो गई। जबकि गोविंद हिसार के एक निजी अस्पताल में अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
विज्ञापन
3 of 5
भिवानी में हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
बुजुर्ग सुंदरदास और उनकी पत्नी शीला को अभी इस दर्दनाक हादसे की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि हादसे के बाद ही रिश्तेदार और परिजन हिसार व हांसी के अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने में लगे हैं। जैन चौक स्थित घर पर भी मातम और सन्नाटा पसरा है। आसपास के लोग भी इस हादसे की जानकारी से सदमे में हैं। वहीं बेटी की ससुराल में भी ये सूचना मिली तो उनकी खुशियां भी मातम में बदल गई।
4 of 5
आराध्य, रजनी और डॉली।
- फोटो : फाइल
डॉ. गोविंद के छोटे भाई सतपाल का भिवानी के बिचला बाजार में कपड़े और रेडिमेड कपड़ों का बड़ा कारोबार है। इस सड़क हादसे में सतपाल की पत्नी रजनी और इकलौता बेटा आराध्य भी काल का ग्रास बन गए। आराध्य बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था। सतपाल को शादी के कई साल बाद पुत्र सुख मिला था। इकलौते बेटे और पत्नी को खोने के बाद सतपाल भी अब अकेला रह गया है। वहीं डॉ. गोविंद की भी अब यही हालत है, उनकी बीवी और इकलौता बेटा उन्हें हमेशा के लिए छोड़कर चले गए हैं। अब परिवार में उनके अलावा उनकी एक शादीशुदा बेटी बची है। डॉ. गोविंद की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
परिजनों ने बताया कि चारों शव सोमवार शाम तक भिवानी लाए जाएंगे। इसके बाद ही उनके अंतिम संस्कार की तैयारी होगी। जबकि अधिकतर लोग तो हांसी के अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने गए हैं जबकि कुछ परिजन डॉ. गोविंद के पास हैं। भिवानी में उनके बूढ़े माता-पिता ही हैं। वहीं एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद कोसली के व्यापारियों ने भी बाजार को बंद कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि वे मृतकों के अंतिम संस्कार के बाद ही दुकानें खोलेंगे।