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बर्बरता से किए छह कत्ल: भाई के परिवार को मारने के बाद भी माथे पर कोई शिकन नहीं, खाना खाया और ली चैन की नींद

Wed, 24 Jul 2024 08:44 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
22 जुलाई की कातिल रात। खेतों से सटे केवल दो मकान। बेरहमी से किए छह कत्ल...। रूह कंपा देने वाले नारायणगढ़-रायपुरानी के रतौर गांव के हत्याकांड की कहानी महज इतनी नहीं है। उस खूनी रात की साजिश तो और भी गहरी थी, जिसे भूषण पहले तैयार कर चुका था।

उसके मंसूबे किसी पेशेवर कातिल से कम ना थे। हत्याओं की पहली बार आरोपियों ने नारायणगढ़ थाने में बिताई। चारों आरोपियों के माथे पर कोई शिकन तक नहीं थी इतनी बर्बरता से हत्याएं की। थाने में दिया खाना खाने के बाद आराम से हवालात में चैन की नींद ली। हालांकि आरोपियों से मिलने कोई नहीं पहुंचा।
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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों से पता चला है कि भूषण ने अपने सालों संग पहले ही हत्या का पूरा प्लान बना रखा था। इंतजार था तो बाजार गए पिता ओम प्रकाश के लौटने का। जैसे ही पिता लौटे व सुरती देवी एक साथ बाहर बेड़े में पड़ी कुर्सियों पर बैठे तो पूरी जमीन अपने नाम न करने की टीस लिए गंडासी व तलवारों से हमला कर दिया। 

 
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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
दोनों को बहते खून के ऊपर से आरोपी घर के पीछे रहने वाले छोटे भाई के घर पहुंचा तो बर्बरता से एक के बाद एक की दो-दो वार कर गला रेत दिया। मासूम को भी नहीं बक्शा। हंसते खेलते घर में चंद ही मिनटों में मातम पसर गया।
 

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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
सुनसान रहा घर, रिश्तेदार पहुंचा न ग्रामीण
हत्याओं के बाद सोमवार रात को हुए शवों के संस्कार के बाद दोनों घर पूरी तरह से खाली थे। उन मकानों में कोई नहीं रुका था। मंगलवार को भी कोई नहीं गया। हालांकि कुछ रिश्तेदार थे लेकिन वो पास के डेरे में किसी दूसरे घर में थे जो उनके रिश्तेदार थे। बुधवार को शवों के फूल चुगे जाएंगे।

 
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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
तीन आरोपी एक दिन के रिमांड पर, वकीलों ने नहीं लिया केस
 नारायणगढ़-रायपुरानी सीमा स्थित रतौर गांव में अपने ही परिवार की बर्बरता से छह हत्याओं के मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार कोर्ट में पेश किया। सीनियर डिविजन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल की कोर्ट में इस मामले में करीब 15 मिनट तक सुनवाई हुई।

 
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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की तरफ से किसी भी वकील ने वकालतनामा पेश नहीं किया। पुलिस की ओर से सरकारी वकील ने हत्या में शामिल गंड़ासी और कुल्हाड़ी आदि हथियार की बरामदगी और अन्य की संलिप्तता पर पूछताछ करने के लिए दो दिन का रिमांड मांगा था। 

 
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ambala murder - फोटो : अमर उजाला
इस पर कोर्ट ने एक दिन का रिमांड मंजूर किया। कोर्ट ने आरोपी महिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जबकि तीनों आरोपी भूषण, साला मनीष उर्फ जॉनी, अमल उर्फ टोनी का एक दिन की रिमांड मंजूर की। अब पुलिस आरोपियों को हत्या के बाद छिपाए हथियारों की बरामदगी के लिए लेकर जाएगी। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि यह हथियार रतौर और पास के किसी गांव में छिपाए हैं।

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Retired soldier killed - फोटो : अमर उजाला
यह है पूरा मामला
दरअसल, दो एकड़ जमीन के लिए मुख्य आरोपी भूषण ने अन्य के साथ मिलकर अपने छोटे भाई हरीश सहित उसकी पत्नी सोनिया, दो भतीजी पांच वर्षीय यशिका, आठ वर्षीय परी और एक छह माह के भतीजे मयंक सहित मां सुरोपी की गला रेतकर हत्या कर दी थी।

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मृतक हरीश के सुनसान पड़े घर पर रिश्तेदार हालात देखते हुए। - फोटो : संवाद
बाप ओमप्रकाश भी जानलेवा हमला किया था लेकिन वह जान बचाकर भाग गया था। सुराग मिटाने के लिए शव की घर में ही शटरिंग की बल्लियों पर चिता बनाकर डीजल से आग लगा दी थी। समय रहते पिता ओमप्रकाश मदद लेकर आया तो अधजले शवों को बाहर निकाला।

 

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मृतक हरीश के घर में किचन में चकले पर रखी रोटी और पैन में जला हुआ दूध। - फोटो : संवाद
प्रस्ताव पास होने के बाद कोई नहीं लड़ रहा केस
उधर, जघन्य अपराध को देखते हुए नारायणगढ़ बार एसोसिएशन ने आरोपियों की पैरवी करने से हाथ खड़े कर दिए थे। बाकायदा एसोसिएशन के प्रधान की तरफ से एक प्रस्ताव भी पास किया गया था। सभी वकीलों ने सहमति जताई थी। यहीं कारण था कि आरोपियों की तरफ से सुनवाई के दौरान कोई भी वकील पेश नहीं हुआ।

 
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मृतकों के फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
इस तरह का जघन्य अपराध करने वाले हत्यारे की पैरवी न करने के लिए एक प्रस्ताव डाला गया था। किसी भी वकील ने आरोपी की तरफ से वकालत नामा पेश नहीं किया। नारायणगढ़ कोर्ट में छह हत्याओं का यह पहला मामला था जब सगे भाई ने अपने ही खून को खत्म कर दिया। छह माह के बच्चे को भी नहीं बक्शा। आगे भी कोई जघन्य अपराध का मामला आता है तो यह प्रस्ताव डाला जाएगा।-पंकज बिंदल, प्रधान, नारायणगढ़ बार एसोसिएशन प्रधान
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