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UP: मां की चिता की राख भी नहीं हुई ठंडी, सोलहवीं में बिखर गया परिवार, खून से रंग गया आंगन; छोटे भाई की हत्या

Wed, 10 Jun 2026 02:53 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में मां की सोलहवीं में छोटे भाई के सीने में गोली मारकर की हत्या करने का मामला सामने आया है। सोलहवीं में रुपये खर्च करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। ग्रामीणों ने आरोपी बड़े भाई की पत्नी और बेटी को पीट दिया। चचेरे भाई ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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gorakhpur murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूसड़ टोला बड़की रेतवहिया में मंगलवार दोपहर में मां की सोलवहीं के दौरान रुपये खर्च करने के विवाद में बड़े भाई दिग्विजय ने अपने सगे छोटे भाई सत्यप्रकाश शर्मा उर्फ शुभम (30) के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से गांव में सनसनी मच गई। सूचना पर आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एहतियातन गांव में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। आरोपी दिग्विजय की तलाश में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की तीन टीमें दबिश दे रही हैं।

बड़की रेतवहिया गांव निवासी 75 वर्षीय कोमल शर्मा के चार बेटों में बड़े बेटे दिग्विजय और सोनू गांव के पुराने मकान में रहते हैं, जबकि सत्यप्रकाश उर्फ शुभम और श्याम शंकर गांव के 300 मीटर दूर अपने माता-पिता के साथ खेत में बने मकान में रहते हैं। कोमल शर्मा की पत्नी सावित्री देवी लंबे समय से बीमार थीं। 16 दिन पहले उनका निधन हो गया था।
 
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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोप है कि माता-पिता के साथ रहने वाले दोनों बेटे ने मां का अंतिम संस्कार और कर्मकांड कराया लेकिन आरोपी बड़ा बेटा दिग्विजय और उसका परिवार मां की मौत के बाद दूध की भात तक नहीं खाया। मंगलवार को सोलहवं पर माता-पिता के साथ रहने वाले दोनों बेटे ब्रह्मभोज की तैयारी कर रहे थे। टेंट लगाने के बाद हलवाई सब्जी काटने के साथ खाना बनाने की तैयारी में जुटे थे। 
 
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रोते बिलखते परिजन और मृतक युवक की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी दौरान आरोपी दिग्विजय की पत्नी राधा अपनी बेटी के साथ पहुंची और साथ में काम करने लगी। इस पर दोनों भाइयों ने कहा कि मां की मृत्यु के बाद किसी कर्मकांड में शामिल नहीं हुए और ब्रह्मभोज में रुपये भी खर्च नहीं किए। इसी बात को लेकर विवाद होने लगा। बात बढ़ने पर राधा ने अपने पति दिग्विजय को कॉल कर बुला लिया।

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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विवाद के बाद सीने में मार दी गोली
आरोप है कि दिग्विजय स्कूटी से अवैध पिस्टल लेकर पहुंचा और छोटे भाई शुभम से विवाद करने के बाद उसके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही शुभम जमीन पर गिर कर तड़पने लगा। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता आरोपी मौके से पैदल भाग निकला। गोली की आवाज सुनकर जुटे ग्रामीणों ने आरोपी की पत्नी और उसकी बेटी को पकड़कर पिटाई कर दी। 

 
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मृतक युवक के परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं आरोपी की स्कूटी को भी क्षतिग्रस्त कर दी। घटना के बाद हलवाई भी मौके से भाग गए। परिजन और ग्रामीण तत्काल शुभम को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चचेरे भाई मनोज शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद के चलते दिग्विजय शर्मा ने अपने सगे भाई सत्यप्रकाश शर्मा उर्फ शुभम की गोली मारकर हत्या कर दी। 

 
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कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र पिपराइच पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन की। देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली शुभम के पीठ में फंसी मिली थी। इधर, देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया गया। मझले बेटे श्यामू ने मुखाग्नि दी।
 
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौ मई को शुभम की हुई थी सगाई, अगले साल फरवरी में होनी थी शादी
मां के निधन के बाद परिवार अभी शोक से उबर भी नहीं पाया था कि सोलहवीं के दिन हुई गोलीबारी ने पूरे घर को दूसरी बार मातम में डुबो दिया। जिस सत्यप्रकाश उर्फ शुभम की आठ महीने बाद फरवरी में शादी होनी थी, उसी की अर्थी उठने की नौबत आ गई। मां की तेरहवीं में चली गोली ने उसके साथ परिवार के तमाम सपनों को भी खत्म कर दिया।
 

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हत्या के बाद तोड़फोड़ करता युवक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों के मुताबिक, सत्यप्रकाश की सगाई नौ मई को धूमधाम से हुई थी। अगले साल 16 फरवरी को उसकी शादी तय थी। घर में शादी की तैयारियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी थीं। रिश्तेदारों के बीच खुशी का माहौल था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि एक महीने के भीतर ही यह खुशी मातम में बदल जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि सत्यप्रकाश परिवार का सबसे छोटा और मां का बेहद दुलारा बेटा था। मां की बीमारी के दौरान भी वह लगातार उनकी सेवा में जुटा रहा। मां की मौत के बाद सोलहवीं की जिम्मेदारी भी वह संभाल रहा था। इसी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने उसकी जान ले ली।

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कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुभम की मौत की खबर मिलते ही होने वाली दुल्हन पक्ष में भी शोक की लहर दौड़ गई। गांव में दिनभर इसी बात की चर्चा रही कि जिस युवक के हाथों में कुछ महीनों बाद सेहरा सजना था, उसका जीवन पारिवारिक विवाद की भेंट चढ़ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता कोमल शर्मा एक ही महीने के भीतर पत्नी और बेटे को खोने के सदमे में हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि संपत्ति के विवाद ने एक परिवार की खुशियां ही नहीं छीनीं, बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया।
 

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घटना के बाद पुलिस ने हत्या वाली जगह को घेरकर सुरक्षित किया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखनाथ मंदिर में हुई थी सगाई
शुभम शर्मा की 9 मई को धूमधाम से गोरखनाथ मंदिर में सगाई हुई थी। उसकी शादी चरगांवा क्षेत्र में तय थी। शादी अगले वर्ष फरवरी में होनी थी। परिवार शादी की तैयारी में जुटा था इसी दौरान उसकी मां की मौत हो गई। मौत की सूचना पर शुभम की मंगेतर वहां पहुंचकर चीखने-चिल्लाने लगी। मंगेतर को रोता बिलखता देख वहां मौजूद ग्रामीणों और रिश्तेदारों की आंखें भी नम हो गईं।

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हत्या के बाद घर के बाहर जुटे परिजन व अन्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी चलाता है ऑटो, पत्नी चलाती है शृंगार भवन की दुकान
आरोपी दुर्ग विजय शर्मा ऑटो चलाता है। जबकि उसकी पत्नी राधा की जंगल धूसड़ के पास शृंगार भवन की दुकान है। घटना के बाद आरोपी भागा हुआ है। जबकि बगल में रहने वाले तीसरे नंबर का भाई सोनू शर्मा भी मकान में ताला बंद कर भाग गया है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने उसके घर में तोड़फोड़ करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने पहुंचकर लोगों को समझाकर शांत कराया।
 

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हत्या के बाद मौके पर क्षतिग्रस्त दो पहिया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां की चिता की राख भी नहीं हुई ठंडी, सोलहवीं में बिखर गया परिवार
हिंदू परंपरा में सोलहवीं को परिवार और समाज को फिर से एक सूत्र में जोड़ने वाला संस्कार माना जाता है लेकिन जंगल धूसड़ के बड़की रेतवहिया गांव में यह संस्कार ही खूनी संघर्ष का कारण बन गया। मां की आत्मा की शांति के लिए आयोजित ब्रह्मभोज में सगे भाइयों के बीच ऐसा विवाद हुआ कि एक की जान चली गई।

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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों के अनुसार, सावित्री देवी के निधन के बाद से ही परिवार में तनाव बना हुआ था। सोलहवीं के दिन जब सभी रिश्तेदार एकत्र हुए तो पुराने विवाद फिर सतह पर आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि सावित्री देवी जीवन भर परिवार को एकजुट रखने का प्रयास करती रहीं लेकिन उनके निधन के बाद परिवार की दरार खुलकर सामने आ गई। जिस आंगन में मां की आत्मा की शांति के लिए ब्रह्मभोज हो रहा था। वहीं कुछ ही देर बाद चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

 

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मृतक शुभम की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। बुजुर्गों का कहना है कि संपत्ति और अहंकार की लड़ाई ने एक मां के दोनों बेटों का जीवन बर्बाद कर दिया। एक बेटे की मौत हो गई जबकि दूसरा कानून से बचने के लिए भागा हुआ है।
 

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युवक की हत्या के बाद फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
12 साल पहले आरोपी ने पिता पर चाकू से किया था हमला
ग्रामीणों ने बताया कि जहां खेत में मकान बना है वहां पर पहले मुर्गी फार्म थी। दिग्विजय के पिता कोमल शर्मा देखभाल करते थे। 12 साल पहले आरोपी ने जमीन को लेकर अपने पिता पर चाकू से हमला कर दिया था। तभी से पिता से उसकी कम बनती थी और पिता भी उसे पसंद नहीं करते थे। पिता ने अपने चारों बेटों को जमीन का हिस्सा बराबर लगाकर दे दिया है।

 
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युवक की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो भाई गांव और दो भाई खेत में मकान बनवा कर हैं रहते
लोगों ने बताया कि जमीन को लेकर बड़ा बेटा पिता से हमेशा विवाद करता रहता था। इसकी वजह से पिता खेत में रहने लगे। बड़ा और तीसरे नंबर का बेटा गांव में अलग-अलग मकान बनाकर रहते है। जबकि दूसरे नंबर और चौथे नंबर का बेटा खेत में मकान बनवा कर रहने लगे थे। दोनों बेटे के साथ माता-पिता भी खेत में ही रहते थे। बड़े बेटे को आशंका थी कि कहीं पिता उनके हिस्से की जमीन बेचकर दोनों बेटे को न दें दे। इसी आशंका की वजह से हमेशा विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
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