मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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विकास के योगी मॉडल को समझने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर और नाथपंथ के बारे में जनना आवश्यक है। जाति, पंथ का भेदभाव मिटाकर सामाजिक समरसता की स्थापना और लोक कल्याण ही नाथपंथ है। नाथपंथ के महंत के लिए राजनीति लोककल्याण का माध्यम है। बस इसी मंत्र में निहित है, राजनीतिक इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और दृढ़ प्रशासक। नाथपंथ के इसी तत्व में रचा-बसा है।
योगी मॉडल, जिसने लोगों को विकास और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ का स्वाद चखाया। एक नए लाभार्थी वर्ग ने जन्म लिया है, जिसने बीजेपी को उत्तर प्रदेश की सत्ता में आसीन करा दिया। लेकिन, यह बिना सुदृढ़ शासन व्यवस्था के संभव नहीं था। इसी काननू के राज की स्थापना योगी मॉडल की रीढ़ है। यहीं से जन्मा है निडर, निर्भीक प्रशासक, जिसे आम लोगों ने अपनी भाषा में बुलडोजर बाबा का नाम दे दिया।