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चिंता: गोरखपुर में कौन से कोरोना वैरिएंट ने मचाई तबाही, 14 महीने बाद भी नहीं हो सकी जानकारी

Sun, 27 Jun 2021 09:33 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
पहली और दूसरी लहर में गोरखपुर जिले में तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस वैरिएंट की जानकारी 14 महीने बाद भी नहीं हो सकी है। इसके लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी और आरएमआरसी (रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) की टीम ने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सात दफा 115 सैंपल भी भेजा था। लेकिन, हर बार जांच में विलंब की वजह से सैंपल खराब हो गए। दो दिन पहले फिर से 15 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

जानकारी के मुताबिक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट डेल्टा-प्लस की चर्चा जोरों पर हैं। देश के महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में इस वैरिएंट के मरीज भी मिल चुके हैं। मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इन सबके बीच अब तक जिले में कोरोना वायरस वैरिएंट की जानकारी नहीं हो सकी है। जबकि, पहले दो बार सैंपल जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे गए थे, लेकिन वहां जांच नहीं हो सकी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इसके बाद फिर दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बॉयोलॉजी (आईजीआईबी) भेजे गए हैं। वहां भी नमूने खराब हो चुके हैं। दो दिन पूर्व फिर से आईजीआईबी को नमूने भेजे गए हैं, लेकिन उसकी भी अब तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
इसके अलावा आरएमआरसी नमूनों को एनआईवी पुणे (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी) भेज चुका है, लेकिन वहां से भी आरएमआरसी को रिपोर्ट का इंतजार है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
गंभीर मरीजों के नमूने भेजे गए हैं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि जिन लोगों के नमूने जीनोम सीक्वेसिंग की जांच के लिए भेजे गए थे, वे गंभीर श्रेणी के मरीजों के थे। इनकी सीटी वैल्यू 25 से कम थी। इनमें कई ऐसे भी थे, जिनको वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। इसके अलावा आरएमआरसी ने गंभीर मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
डेल्टा वैरिएंट पर कारगर है वैक्सीन
जिले में भले ही अब तक वैरिएंट की जानकारी नहीं हो सकी है, लेकिन इन सबके बीच राहत वाली बात यह है कि डेल्टा वैरिएंट पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन कारगर है। डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अब तक शोध में जो बात सामने आई है उसके अनुसार दोनों वैक्सीन, डेल्टा वेरिएंट पर असरदार है। लेकिन, डेल्टा प्लस पर अब तक कोई सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है। ऐसे में जब तक शोध नहीं हो जाता तब तक इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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