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Weather Update: मानसून की पहली बारिश के बाद खिल उठे किसानों के चेहरे, तस्वीरों में देखें शहर हुआ पानी-पानी

Wed, 17 Jun 2020 04:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
इस बार मानसून की गोरखपुर में जोरदार इंट्री हुई। सोमवार रात से लेकर मंगलवार शाम तक ही करीब 102 मिलीमीटर बारिश हो गई। पिछले सात साल के दौरान ऐसा तीसरी बार हुआ, जब 24 घंटों के दौरान इतनी बारिश हुई। मानसून की यह पहली बारिश मंगलवार सुबह किसानों के लिए खुशी लेकर आई। वहीं शहर के तमाम गली-मोहल्लों और घरों में पानी भर गया। कलेक्ट्रेट और जिला अस्पताल परिसर में जबरदस्त जलभराव हुआ। सबसे ज्यादा परेशानी शहर के निचले इलाकों में रही। मौसम विशेषज्ञ आने वाले कुछ दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना जता रहे हैं।
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gorakhpur weather - फोटो : आनंद चौधरी।
सोमवार को आधी रात को मौसम एकाएक बदल गया। रात से मंगलवार सुबह पांच बजे तक करीब 97 मिलीमीटर बारिश हो गई। इसके बाद पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। शाम तक करीब 102 मिलीमीटर बारिश हो गई।  इससे गली मोहल्लों में पानी भरा और नालियां उफना गईं। नालियों के ओवरफ्लो होने से दुकानों, मकानों में पानी भर गया। इससे घरेलू सामान खराब हो गया। दिग्विजयनगर कालोनी में दो मंजिला मकान का एक हिस्सा धंस गया।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
धर्मशाला ओवरब्रिज, दाउदपुर, महुई सुघरपुर, रुस्तमपुर, चक्सा हुसैन, रसूलपुर, आजाद नगर तारामंडल रोड समेत शहर के कई इलाकों के गली मोहल्लों में काफी पानी भर गया। इलाहीबाग से जुड़े आगा मस्जिद, जालफा कालोनी, सिटी मैरेज चौराहा, सईद अब्दुला अंसारी रोड पर जलभराव की स्थिति रही। दोपहर दो बजे तक पानी की निकासी नहीं हुई।

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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
इलाहीबाग के पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद अख्तर का कहना है कि नाले की सफाई ढंग से नहीं हुई थी। इस वजह से जल निकासी नहीं हो सकी। शेषपुर के पार्षद संजीव सिंह सोनू ने कहा कि इस बार भी वार्ड के कई इलाकों में पानी भर गया। दाउदपुर व रुस्तमपुर में भी जलभराव की समस्या रही।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल के आवास के सामने जबरदस्त जलभराव हुआ। पंपिंग सेट लगाना पड़ा। दोपहर तक पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ा। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि आने वाले एक-दो दिन में मानसून पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
मुक्तेश्वर नाथ मंदिर में भी भरा बारिश का पानी
महेवा क्षेत्र के मुक्तेश्वरनाथ मंदिर परिसर में पानी भरने से श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत हुई। ऐसी बारिश हुई कि शिवलिंग तक पानी पहुंच गया। वहीं कान्हा उपवन में भी पानी लगने से आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
सरकारी दफ्तर के परिसरों में भरा रहा पानी
कलेक्ट्रेट, आरटीओ और सीएमओ कार्यालय परिसर में घुटने तक पानी भरने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल परिसर ही नहीं संक्रामक रोग विभाग परिसर में भी घुटने तक पानी भरा रहा। जलभराव से कमिश्नर कार्यालय परिसर में कामकाज को लेकर आए लोगों को भी दिक्कत हुई।

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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
सुबह से ही दौड़ते रहे नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी
भले ही शहर के तमाम नालों की सफाई कर लेने का नगर निगम प्रशासन की ओर से दावा किया गया हो, लेकिन बारिश के बाद विभिन्न इलाकों की नालियां ओवरफ्लो हो गईं। चोक नालों को खोलने के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे दिन दौड़ती रही।

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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि शहर के निचले इलाकों में जलभराव की दिक्कत हुई है। इन सब जगहों पर जलभराव की समस्या दूर करने का इंतजाम किया गया है। जहां भी जलभराव की सूचना मिली, वहां तत्काल पंप भेजा गया। नाले नालियों की सफाई का असर दिखा, पानी बहता हुआ नजर आया है। मेडिकल रोड के किनारे की कॉलोनियों में जलभराव की दिक्कत हुई है। इसपर शुरू से ध्यान दिलाया जा रहा है।
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gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।
किसानों के चेहरे पर मुस्कान
मौसम के बदले रुख ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। लॉकडाउन से मिली तकलीफ कम हो गई। सोमवार की रात से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद खेतों में धान की रोपाई तेज हो गई है। मंगलवार की सुबह से ही गांव-गांव में किसान और मजदूर रोपाई में व्यस्त दिखे। किसानों का कहना था कि बीज और खेत तैयार थे। बस बारिश का इंतजार था, क्योंकि पहले से ही वे आर्थिक तंगी से परेशान हैं। ऐसे में डीजल खर्च करके पम्पिंग सेट से खेत को सींचना उनके वश में नहीं था। ऐसे में उनके लिए राहत बरसी है। कुछ जगह तो किसानों, मजदूरों में कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता का असर दिखा। गमछे, दुपट्टे से नाक, मुंह को ढंके किसानों, मजदूरों ने फिजिकल डिस्टेंस का भी ख्याल रखा। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने कहा कि इस बारिश ने किसानों को काफी राहत दे दी है।
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