डॉ. अरुण प्रताप सिंह की फाइल फोटो।
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एयर एंबुलेंस से आएगा शव
पिता को तहसील प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि शव को एयर एंबुलेंस से लाया जाएगा। पहले शव को लखनऊ लाया जाना था, लेकिन फैसला बदल गया है। अब जम्मू एयरपोर्ट से डॉक्टर का शव गोरखपुर तक लाने का इंतजाम किया गया है।
हर किसी को खल गया मददगार का चला जाना
डॉक्टर अरुण प्रताप सरल स्वभाव के थे। उनका मृदुभाषी और व्यवहार कुशल होना, उनकी खास पहचान थी। उनके बचपन के मित्र दीपक प्रजापति, आनंद गुप्ता, धर्मवीर तथा पूर्व प्रधान जैनेंद्र मल्ल, प्रधान वेदप्रकाश पासवान ने बताया कि अरुण प्रताप ने डॉक्टर बनकर जितनी शोहरत हासिल की, उससे ज्यादा वह अपने अच्छे बर्ताव के चलते मशहूर थे। लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। गरीब मरीजों के इलाज पर होने वाले खर्च का भुगतान खुद कर देते थे।