प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सौगात दे दी है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन बुधवार को पीएम ने किया। यह यूपी का तीसरा व सबसे लंबे रनवे वाला एयरपोर्ट है। कुशीनगर हवाई अड्डा सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी ही नहीं बल्कि दुनिया तक भारत की सांस्कृतिक गाथा और बौद्ध सर्किट तक पहुंच का बड़ा जरिया भी बनने जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन का विस्तार तो होगा ही, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बौद्ध धर्मावलंबी और पर्यटक न सिर्फ कुशीनगर कम समय में पहुंचेंगे, बल्कि बौद्ध सर्किट और बौद्ध तीर्थ स्थलों का दौरा भी आसान होगा। आगे की स्लाइड्स में जानिए कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की खासियत...
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कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
सीएम योगी के प्रयासों से बना इंटरनेशनल एयरपोर्ट 589 एकड़ में 260 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसके एप्रन पर चार बड़े हवाई जहाज एक साथ खड़े हो सकते हैं। प्रदेश के सबसे बड़े रनवे (3200 मीटर) वाले इस एयरपोर्ट के क्रियाशील होने के साथ ही पर्यटन विकास, निवेश, रोजगार का बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार हो रहा है। साथ ही देश के सांस्कृतिक संबंधों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और विस्तार होगा।
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कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे 3.2 किमी लंबा और 45 मीटर चौड़ा है, जो यूपी का सबसे लंबा रनवे है। इसके रनवे पर हर घंटे 8 फ्लाइट आ-जा सकती हैं। इतना ही नहीं, इस एयरपोर्ट पर ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि यहां दिन के साथ-साथ रात में भी आसानी से उड़ान भरी जा सके।
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कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खड़ा भारतीय वायुसेना का विमान।
- फोटो : अमर उजाला।
5 मार्च 2019 को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यूपी सरकार के बीच समझौता हुआ था। 24 जून 2020 को इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित किया गया था। इस एयरपोर्ट से श्रीलंका, जापान, चीन, ताइवान, साउथ कोरिया, थाईलैंड, सिंगापुर और वियतनाम जैसे दक्षिण एशियाई देशों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट होगी।
यहां आने वाले यात्री लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर की यात्रा कर सकते हैं। इसके साथ ही श्रावस्ती, कौशांबी, संकीशा, राजगीर और वैशाली की यात्रा भी कम समय में हो जाएगी।