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वीडियो: दो गज की दूरी भूलकर मौत को दावत दे रहे हैं लोग, ढील के साथ ही बढ़ गई लोगों की लापरवाही

Wed, 02 Sep 2020 05:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने की वजह से अब अधिक सतर्कता की जरूरत है, लेकिन ऐसे समय में ही लोग और बेपरवाह हो गए हैं। छोटी-बड़ी दुकानों से लेकर प्रमुख बाजारों, चौराहों और सड़कों पर लोग एक-दूसरे से सटकर ऐसे खड़े नजर आते हैं, जैसे कोरोना के संक्रमण का खतरा टल गया है। ऐसे लोग खुद के लिए तो मुश्किलें खड़ी ही कर रहे परिजनों और समाज को भी मुश्किल में डाल रहे हैं।
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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए नियम है कि लोग एक दूसरे से कम से कम दो गज की दूरी बनाए रखें और मॉस्क जरूर पहनें। दुकानों, बाजारों, शॉपिंग मॉल आदि में सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करने का निर्देश है। अनलॉक शुरू होने पर लोगों ने इसका पालन भी किया, मगर जैसे-जैसे ढील बढ़ रही है लोगों की लापरवाही भी बढ़ती जा रही है।

 
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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
रोस्टर और थानावार लॉकडाउन खत्म होने के साथ ही दुकानों के खुलने का समय बढ़ा तो शहर से लेकर देहात तक बाजार में भीड़ बढ़ गई। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और मॉस्क का इस्तेमाल समेत संक्रमण से बचाव के सभी उपाय अपनाना ज्यादा जरूरी हो गया है, लेकिन हो बिल्कुल उलटा रहा है। लोग न तो दो गज दूरी का पालन कर रहे हैं न ही मॉस्क लगा रहे हैं। सैनिटाइजेशन का भी ख्याल नहीं रख रहे।

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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
साहबगंज, महेवा मंडी की हर दुकान पर अनदेखी
शहर की सबसे बड़ी गल्ला और किराना मंडी साहबगंज की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की सर्वाधिक धज्जियां उड़ रही हैं। दुकानों पर एक ही समय पर 10 से 20 लोग बिना किसी दूरी के खड़े नजर आते हैं। न दुकानदार किसी को रोक-टोक रहे न लोगों को ही यह जरूरी लग रहा। ऐसा ही नजारा महेवा गल्ला व सब्जी-फल मंडी का भी है। वहां भोर से ही सब्जी और फल विक्रेताओं और क्रेताओं की भीड़ जुट जा रही है। लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े होकर खरीदारी करते हैं।
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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
खामोशी से हट गई ‘लक्ष्मण रेखा’
लॉकडाउन के बाद जब बाजारों-दुकानों को खोलने की अनुमति मिली तो दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकानों के सामने रस्सी बांध रखी थी ताकि लोग दूर से ही सामान खरीद सकें। इससे दुकानदार और खरीदार दोनों सुरक्षित थे। मगर जब छूट बढ़ी तो ये लक्ष्मण रेखा रूपी रस्सी का वजूद कब खामोशी से मिट गया कोई जान ही नहीं सका।
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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
बिना रोक फुल्की-टिकिया, अंडे का ले रहे जायका
रोक हटने के बाद से ठेले-खोमचे वालों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। शहर में जगह-जगह लोग मजे से एक-दूसरे से सटकर फुल्की-टिकिया और अंडे का जायका ले रहे हैं।

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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
बैंकों और डाकघर में भी उड़ रहीं धज्जियां
शहर के तमाम बैंकों और डाकघरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं। बैंक प्रशासन की ओर से बार-बार समझाने के बाद भी लोग कैश काउंटर आदि के सामने लाइन में एक-दूसरे से सटकर खड़े हो रहे हैं। बैंक का सुरक्षा गार्ड या कोई कर्मचारी जब टोकता है तो लोग थोड़ी देर के लिए दूरी बनाते हैं, फिर सटकर खड़े हो जा रहे हैं।

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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
बस स्टेशन का भी हाल खराब
शहर के दोनों बस अड्डों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो रही है। कचहरी बस स्टेशन और रेलवे बस स्टेशन, दोनों ही जगहों पर यात्री झुंड में खड़े दिखाई देते हैं। वहां न तो कोई रोकने-टोकने वाला है और न ही यात्रियों को ही किसी तरह की चिंता है। कई यात्री तो बसों में बैठते ही मॉस्क भी हटा देते हैं।

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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
अब प्रशासन ने भी सख्ती छोड़ दी
जिला प्रशासन ने भी दुकानों, बाजारों के औचक निरीक्षण का सिलसिला बंद कर दिया। नतीजतन अब न तो आम लोगों में किसी तरह का डर रह गया और न ही दुकानदारों के ही बीच।

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गोरखपुर अनलॉक। - फोटो : अमर उजाला।
पब्लिक एड्रेस सिस्टम बज रहे, लोग बंद किए हैं कान
कोरोनों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पैडलेगंज, कचहरी चौराहा, शास्त्री चौक, घोष कंपनी समेत शहर के कई चौराहों, दफ्तरों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगे हैं, मगर कई जगहों पर तो लोग ठीक उसी स्थान पर सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी कर रहे हैं।
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन।file - फोटो : अमर उजाला।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। तमाम दुकानों के चालान भी काटे जा रहे है। यह सच है कि लॉकडाउन खत्म होने के साथ-साथ सड़कों और बाजारों में भीड़ बढ़ी है तो ज्यादा सतर्कता की जरूरत है, लेकिन तमाम लोग लापरवाही बरत रहे। सभी से अपील है कि वे बेवजह घरों से बाहर न निकलें। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलें तो सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही साथ मॉस्क का इस्तेमाल अनिवार्य तौर पर करें। अपने हाथ हमेशा सैनिटाइज करते रहें। जरा सी लापरवाही से लोग खुद के साथ ही साथ अपने परिवार को भी मुश्किल में डाल सकते हैं।
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