फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur Accident: एक साथ Gorakhpur लाए गए 8 शव, गठरी में पिता-बेटी का शव बांधकर भेजा; रो पड़ा पूरा गांव

Sun, 02 Feb 2025 11:03 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो

सार

आपको बता दें कि गाजीपुर में वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर शुक्रवार को दोपहर में महाकुंभ से गोरखपुर लौट रही पिकअप का डाला टूटने से गिरे नौ श्रद्धालुओं को डंपर ने कुचल दिया। मरने वालों में चार महिलाएं, चार पुरुष और एक बच्ची है। हादसे में किसी का सिर धड़ से अलग हो गया तो किसी की आंतें बाहर आ गई थीं। इनमें सभी गोरखपुर के रहने वाले थे। शनिवार को सभी के शव गोरखपुर लाए गए।
विज्ञापन
1 of 5
शव सड़क पर रखकर जाम लगाया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह के सन्नाटे के बीच शनिवार भोर में खजनी के हरदीचक गांव में अचानक चीख-पुकार मच गई। गाजीपुर सड़क हादसे में मरने वाले आठ लोगों के शव भोर में जैसे ही गांव पहुंचे परिजनों के साथ-साथ पूरा गांव रो पड़ा। कुछ देर बाद मृतकों में एक खोराबार की रहने वाली महिला का शव उसके परिजन अपने साथ लेते गए।

हरदीचक के ग्रामीण मृतकों के परिजनों के साथ सुबह करीब 11 बजे शव लेकर माल्हनपार-खजनी मार्ग पर पहुंचे और जाम लगाकर सरकारी सहायता दिलाने की मांग करने लगे। इसकी सूचना पर अपर जिलाधिकारी पुरुषोत्तम गुप्ता, उपजिलाधिकारी खजनी कुंवर सचिन सिंह और सीओ बांसगांव दरवेश सिंह वहां पहुंचे और परिजनों को मदद दिलाने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया।

इस कारण करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। इसके बाद गोला के मुक्ति पथ पर एक साथ सभी शवों का दाह संस्कार हुआ।
विज्ञापन

2 of 5
UP Ghazipur Accident - फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में मरने वालों में हरदीचक की अजय यादव की पत्नी पुष्पा देवी उर्फ स्नेहलता (40), त्रिलोकी चौरसिया की पत्नी सुधा चौरसिया (55) और सिद्धू की पत्नी लीलावती (40) को दुल्हन की तरह सजाकर गांव की महिलाओं ने रोते हुए आखिरी विदाई दी। वहीं खोराबार के सूबा बाजार में इसरावती का पति चंद्रभान ने अंतिम संस्कार किया।

वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर नंदगंज थानाक्षेत्र के रेवसा गांव के पास सड़क हादसे में मृत श्रद्धालुओं के परिजन रात में ही छह गाड़ियों से यहां पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद रात 12:25 बजे चार एबुलेंस से परिजन क्षत-विक्षत शवों को लेकर गोरखपुर रवाना हुए। पिता-पुत्री के शवों को दो गठरियों में बांधा गया। करीब 150 किमी का सफर तय कर रात करीब 3:30 बजे शव वहां पहुंचे।
विज्ञापन

3 of 5
UP Ghazipur Accident - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज महाकुंभ से स्नान कर लौटते समय सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नौ श्रद्धालुओं का पोस्टमार्टम शुक्रवार की शाम साढ़े सात बजे से शुरू हुआ। तीन डॉक्टरों के पैनल ने रात करीब 12 बजे तक शवों का पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। शव क्षत-विक्षत होने के कारण पोस्टमार्टम करने में परेशानी हुई।

इसके बाद अमर सिंह (45) और उनकी बेटी नित्या (5) के शवों को दो गठरियों में बांधना पड़ा, क्योंकि दोनों की आंतें बाहर आ गई थीं। इनको सिला नहीं जा सकता था। अमर सिंह के छोटे भाई राणा प्रताप सिंह एबुलेंस से दोनों के शव लेकर रवाना हुए। इसी तरह श्यामसुंदर (45) का एक हाथ अलग हो गया था और सिर फट गया था।

4 of 5
स्कूल में शव रखे गए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रिंस चौरसिया अपनी मां सुधा चौरसिया (52) के शव को लेकर एंबुलेंस से लेकर गए। वहीं, सुरेंद्र गुप्ता (54), पुष्पा (40) और भगवानी देवी के शव लेकर शिवम यादव एंबुलेंस से रवाना हुए। वहीं, सुब्बाबाजार निवासी इसरावती देवी (45) के शव के साथ एबुंलेंस से जितेंद्र सिंह गए। ग्राम प्रधान बृजेश सिंह बैजू और शैलेंद्र सिंह छह अन्य गाड़ियों से परिजनों को लेकर बांसगांव थानाक्षेत्र के हरदी चक गए। संवाद

घर पहुंचने से पहले ही मिली एक और मौत की खबर
गाजीपुर। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ सिंह, सीओ सदर सुधाकर पांडेय, प्रभारी निरीक्षक दीन दयाल पांडेय पोस्टमार्टम हाउस में डटे रहे। समाजसेवी कुंवर वीरेंद्र सिंह भी मदद करते रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शव रखकर जाम लगाया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम के बाद रात में करीब डेढ़ बजे सभी अपने घर पहुंचे ही थे कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती सुभावती (40) पत्नी शिव निवासी हरदी चक थाना बांसगांव के भी मौत की खबर मिल गई, इसके बाद अधिकारियों ने लिखा-पढ़ी के बाद शव को मॉर्च्यूरी में रखवाया और शवों को लेकर रवाना हुए लोगों को सूचना दी। संवाद

तीन भाइयों में सबसे बड़े थे अमर सिंह
गाजीपुर। अमर सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। वह पत्नी वंदना सिंह (53) और बड़ी बेटी अंशिका सिंह (14) और नित्या (5) के साथ महाकुंभ स्नान करने गए थे। घर पर दूसरे नंबर की बेटी थी। हादसे में अमर और नित्या की मौत हो गई। पत्नी और अंशिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। अमर के पिता शंभू सिंह, चाचा ऋषि कुमार भी पोस्टमार्टम हाउस पर गुमशुम रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें