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69,000 शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग टली, अभ्यर्थियों में छाई मायूसी, कहा- टूट गया मनोबल

Thu, 04 Jun 2020 10:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
परिषदीय विद्यालयों के 1246 नए शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए चल रही नियुक्ति प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। अब 4-6 जून तक चलने वाली प्रक्रिया कोर्ट के अगले आदेश के बाद होगी। दोपहर 3:15 बजे  फैसला आने के बाद से काउंसलिंग की प्रक्रिया को टाल दिया गया। इससे अभ्यर्थी मायूस नजर आए। पहले दिन 625 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई है।

सभी फोटो- शिवहर्ष द्विवेदी, अमर उजाला, गोरखपुर।

 
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
काउंसलिंग के लिए सुबह से ही अभ्यर्थियों का डायट और बीएसए दफ्तर  आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हुई। सोशल डिस्टेंसिंग के लिहाज से अभ्यर्थियों के लिए पूरे परिसर के अंदर गोला बनाया गया था। मगर अभ्यर्थियों और अभिभावकों की भीड़ के आगे सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार नजर आई। अधिकारियों और पुलिस के खड़े रहने तक थोड़ी व्यवस्था सुधर रही थी, जैसे ही वो काउंसलिंग में लग रहे थे, छह फीट के मानक पूरे परिसर में धराशायी होते नजर आए। चिलचिलाती धूप और गर्मी ने भी अभ्यर्थियों की कड़ी परीक्षा ली। काउंसलिंग के दौरान एडीएम प्रशासन चर्तुभुजी गुप्ता और प्रभारी डायट प्राचार्य ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, एमडीएम जिला समन्वयक दीपक पटेल, नगर शिक्षा अधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
बीएसए ने संभाला मोर्चा
सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन नहीं होने की शिकायत जब बेेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह से की गई तो उन्होंने खुद ही मोर्चा संभाला। बीएसए दफ्तर के साथ साथ डायट परिसर पर बने 13 काउंटरों पर जाकर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की। कहा कि कोरोना वायरस के खतरों से निपटने का एक मात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग है।
 
 

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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
टूटता है मनोबल
गोरखपुर के निहारिका गुप्ता ने कहा कि देश की उच्च पदस्थ सेवाओं में भी इतनी लेटलतीफी से नियुक्ति नहीं मिलती है, जितनी शिक्षक भर्ती के दौरान मिल रही है। एक बार फिर अभ्यर्थियों का मनोबल टूट गया है।

जश्न का माहौल हुआ फीका
कैंपियरगंज के चंद्रेश कुमार ने कहा कि कोर्ट के फैसले को सुनकर निराश हूं। नियुक्ति जैसी प्रक्रिया से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द निपटाने की व्यवस्था होनी चाहिए। घर पर जश्न का माहौल था एक बार फिर निराशा में बदल गया है।

 
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
खाली रह गए हाथ
चरगांवा की कनक लता ने कहा कि शिक्षा मित्र काफी अरसे से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक बार शिक्षक बने, फिर शिक्षक के पद से हटा दिया गया। इस भर्ती की सभी बाधाओं को पार कर काउंसलिंग को पहुंचे तो एक बार फिर हाथ खाली रह गए।
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