परिस्थितियां भले ही विपरीत हों पर कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो मंजिल जरूर मिलती है। कुछ ऐसे ही इरादे लेकर पादरी बाजार के आगे जंगल में सौ से ज्यादा खिलाड़ी पसीना बहा रहे हैं। दिन में मेहनत-मजदूरी कर परिवार के भरण पोषण में हाथ बंटाते हैं और शाम को एथलीट और वालीबॉल के अभ्यास में जुट जाते हैं। अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों की उम्र पांच से 19 साल है। नतीजा भी सामने है। सुमन नेशनल जूनियर एथलीट प्रतियोगिता में भाग ले चुकी हैं, जबकि पांच खिलाड़ी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं।