lunar eclipse
- फोटो : pti
मान्य नहीं होगा सूतक काल
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार पांच जुलाई को लगने वाले इस उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसमें किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित नहीं होंगे। पूजा पाठ और भोजन से जुड़े कार्य किए जा सकेंगे। लेकिन फिर भी संयम बरतने और नियमों का पालन करना जरूरी है। ग्रहण में लगने वाला सूतक काल एक अशुभ समयावधि होती है। यह सूतक काल चंद्र ग्रहण लगने से तीन पहर अर्थात नौ घंटे पहले ही शुरू हो जाता है, जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। इस दौरान सभी शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।