जल्द ही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के प्रमुख मॉल और शॉपिंग कांप्लेक्स में भी एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल टेराकोटा के उत्पाद नजर आएंगे। जिला उद्योग केंद्र इस संबंध में मॉल व शॉपिंग कांप्लेक्स मालिकों से संपर्क में है। प्रयास किया जा रहा है कि दीवाली के पहले ही टेराकोटा उत्पादों को वहां भी बिक्री के लिए जगह मिल सके।
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गोरखपुर टेराकोटा।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के टेराकोटा उत्पाद पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। मगर अब भी अपने ही जिले में इनकी मार्केटिंग के अच्छे इंतजाम नहीं है। जबकि दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु समेत तमाम शहरों के व्यापारी यहां से ही ये उत्पाद ले जाकर अच्छी पैकेजिंग के बाद ऊंचे दामों में इनकी बिक्री करते हैं।
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टेराकोटा। फाइल
- फोटो : अमर उजाला।
जिले के भीतर अगर कोई टेराकोटा उत्पादों का कद्रदान है तो उसे इसे खरीदने के लिए भटहट ब्लाक स्थित औरंगाबाद गांव जाना पड़ता है जहां की यह कला है। शहर के भीतर तो सिर्फ त्यौहारों या फिर गोरखपुर महोत्सव या कोई प्रदर्शनी लगने पर ही इसके स्टॉल दिखाई पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर ही जिला उद्योग केंद्र ने यह पहल शुरू की है।
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टेराकोटा।
- फोटो : अमर उजाला।
अफसरों को उम्मीद है कि जल्द ही मॉल और शॉपिंग कांप्लेक्स में भी इन उत्पादों की बिक्री के लिए जगह मिल जाएगी। उनका कहना है कि दिवाली के मद्देनजर कई तरह के दीये व लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा तैयार करने का आर्डर शिल्पकारों को मिला है।
टेराकोटा के उत्पाद का अवलोकन करते अन्य।
- फोटो : अमर उजाला।
उद्योग उपायुक्त आरके शर्मा ने बताया कि टेराकोटा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए दिवाली से पहले उन्हें मॉल, सुपर मार्केट की दुकानों-शोरूम में बिक्री के लिए रखवाया जाएगा। इस सिलसिले में मॉल व शॉपिंग कांप्लेक्स मालिकों से बात चल रही है। इसके अलावा टेराकोटा के कुछ ट्रेडर्स भी माल बेचेंगे।