उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में पहली बार 100 से अधिक टेराकोटा उत्पादों की दुकानें लगी हैं। दिवाली से एक सप्ताह पहले ही असुरन चौक से मोहद्दीपुर मार्ग, पैडलेगंज, शाहपुर सहित तमाम जगहों पर टेराकोटा के उत्पादों की दुकानें सज गईं हैं। इन दुकानों पर दूर-दूर से लोग आकर खरीदारी कर रहे हैं। कलाकारों ने बताया कि पहली बार दिवाली पर शहर में इतनी बड़ी संख्या में दुकानें लगी हैं। दुकानों पर ग्राहक अच्छी संख्या में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
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गोरखपुर टेराकोटा।
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, टेराकोटा के उत्पाद गोरखपुर की पहचान बन चुके हैं। विश्वभर में इसका डिमांड है। टेराकोटा के कलाकार देशभर में प्रदर्शनी लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री करके जीविकोपार्जन करते हैं। इस साल कोरोना संकट की वजह से टेराकोटा के कलाकार किसी और जगह प्रदर्शनी लगाने नहीं जा पाए। ऐसे में टेराकोटा के कलाकारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया। वह परेशान थे कि तैयार उत्पादों की बिक्री कैसे कर पाएंगे। दिवाली के त्योहार ने उन्हें रोजगार का अवसर दिया है। शहर में दुकानें लगाकर वह उत्पादों को बेच रहे हैं। विशेषकर दिवाली के लिए बनाए गए उत्पादों को ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं। कलाकारों को उम्मीद है कि वह दिवाली तक अपने उत्पादों को बेचकर आर्थिक तंगी को दूर कर सकेंगे।
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गोरखपुर टेराकोटा।
- फोटो : अमर उजाला।
टेराकोट में हैं पांच डिजाइन के दिए
टेराकोटा में पांच डिजाइन के दीये मौजूद हैं। इनमें हार्ट सेव, शंख, स्वास्तिक, पत्ता एवं गोल दीये शामिल हैं। इन दीयों की कीमत दो रुपये से 10 रुपये के बीच है।
टेराकोटा में कुकर भी
टेराकोटा में अभी तक खिलौने और सजावट के सामान ही देखने को मिलते थे, लेकिन इस बार मिट्टी का कुकर विशेष आकर्षण का केंद्र है। इस कुकर की कीमत 400 से 800 रुपये तक है। 400 रुपये वाले कुकर में सीटी नहीं है, जबकि 800 के कुकर में सीटी है।
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गोरखपुर टेराकोटा।
- फोटो : अमर उजाला।
टेराकोटा के सामानों की कीमत
रिंग दीपक लक्ष्मी-गणेश के साथ 120 रुपये
पूजन थाली लक्ष्मी-गणेश के साथ 70 से 150 रुपये
कलश दीपक 70 से 150 रुपये
गणेश प्रतिमा 700 रुपये
लेयर दीपक 350 से लेकर 700
लालटेन 70 से 200
झूमर लाइट 60 से 200 रुपये
हाथी 300 रुपये जोड़ा
मोर स्टैंड 1400 रुपये
बड़ा कछुआ और मछली 500 रुपये
पेड़ मटका 400 से 500 रुपये
पहरेदार 1600 से 2500 रुपये
टेराकोटा टेबल 3200 रुपये
शहनाई वादक 1500 रुपये
कछुआ गुल्लक 50 से 150 रुपये तक
कलाकार राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि हम अपने उत्पादों को त्रिवेंद्रम, कोयंबटूर, चेन्नई सहित तमाम शहरों में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में बेचा करते थे, लेकिन इस बार कोरोना के कारण प्रदर्शनी नहीं लगी, जिससे दिवाली पर दुकानें लगाकर उत्पादों को बेच रहे हैं।
कलाकार कुंदन प्रजापति ने बताया कि दिवाली को ध्यान में रखकर टेराकोटा के तमाम उत्पाद तैयार किए गए हैं। इसमें तरह-तरह के दीयों के साथ लालटेन की विशेष मांग है। उम्मीद है कि इस बार दिवाली पर अच्छा कारोबार होगा।
कलाकार जगदीश प्रजापति ने बताया कि हर बार हम लोग अपने उत्पादों को बाहर के शहरों में जाकर बेचा करते थे, लेकिन इस बार दिवाली पर शहर में ही दुकानें सजाई हैं। ग्राहक हमारे उत्पादों को खूब पसंद कर रहे हैं।
कलाकार दिलीप प्रजापति ने बताया कि दिवाली पर लोग सबसे अधिक पूजन थाली के साथ लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और दीये को पसंद कर रहे हैं। साथ ही मोर और पहरेदार को भी लोग खरीद रहे हैं।