सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो)
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वे जंगल लगाने के साथ ही वहीं बस गए, आजादी के कई दशक बाद भी यह लोग जंगल में ही रहते हैं। इन्हें पेड़ों के बीच में रहने के लिए 9 फीट जमीन दी गई, वे जिस जमीन को अनाज का पैदावार करते थे, उस जमीन पर इनका कोई मालिकाना हक नहीं था।