साल 2020 का अंतिम सूर्य ग्रहण आज लगने जा रहा है। रात में लगने के कारण यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। खगोल विज्ञान के अनुसार ग्रहण एक आम घटना है। जबकि ज्योतिषियों के मुताबिक ग्रहण कैसा भी हो, उसका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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सूर्य ग्रहण 2020।
- फोटो : अमर उजाला।
नहीं लगेगा सूतक काल
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र ने बताया कि इस सूर्य ग्रहण के दौरान भारत में रात होगी। इस वजह से ग्रहण का सूतक भी मान्य नहीं होगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण शाम सात बजकर तीन मिनट से रात 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
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सूर्य ग्रहण 2020।
- फोटो : अमर उजाला।
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र ने बताया कि ग्रहण भले ही भारत में रात होने के कारण दिखाई नहीं दे लेकिन ग्रहण में सावधानी अवश्य बरतें। खासतौर पर गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल के दौरान घर से बाहर न निकलें। चाकू, छुरी जैसे तेज किनारों वाली वस्तुओं का इस्तेमाल ना करें। इस दौरान भोजन और पानी का सेवन करने से भी बचें। ग्रहणकाल के बाद स्नान कर पूजन-अर्चन के पश्चात दान करें।
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सूर्य ग्रहण 2020।
- फोटो : अमर उजाला।
वृश्चिक राशि के जातकों को सावधानी की जरूरत
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार यह सूर्य ग्रहण भारत में भले ही दिखाई नहीं देगा लेकिन इस सूर्य ग्रहण के दौरान वृश्चिक राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि इस बार का सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि में ही लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण के दौरान यात्रा करने से बचें।
कब और कैसे लगता है ग्रहण
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के प्रशिक्षक अमर पाल सिंह ने बताया कि जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से होते हुए गुजरता है, तब चंद्र सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से अपने पीछे ढंकते हुए उसे पृथ्वी तक पहुंचने से रोक लेता है। इस दौरान रोशनी के अभाव में पृथ्वी पर अंधेरा छा जाता है। इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।