high blood sugar
शुरुआत आंखों के धुंधलेपन से होती है
डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि आंखों की नॉन प्रालिफिरेटिव डायबिटिक रेटिनोथेरेपी से पीड़ित मरीजों का पीपी शुगर 220 से 240 के बीच रहा है। इन मरीजों में आंखों में धुंधलेपान की शिकायत थी, यह लोग सही समय पर इलाज के लिए पहुंचे तो उनकी आंखों की रोशनी को बचा लिया गया। जबकि, प्रालिफिरेटिव डायबिटिक रेटिनोथेरेपी में मरीजों का शुगर पीपी 250 से अधिक था, इनकी आंखों की नसों में रक्त के छोटे-छोटे धब्बे बनने शुरू हुए थे और अचानक नसें बंद हो गईं। सही समय पर इलाज न मिलने से ऐसे मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। ऐसे मरीजों की संख्या भी साल में 20 से 25 से अधिक रही है।