उत्तर प्रदेश को गोरखपुर जिले में कोरोना महामारी के बीच आरके ऑक्सीजन से ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति को तीन युवा संभव बना रहे हैं। ये हैं यश, कुशाग्र और शेखर। तीनों आरके ऑक्सीजन के निदेशक हैं। इनमें से एक बीटेक तो दो एमबीए डिग्री धारक।
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शेखर।
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना की दूसरी लहर जब से तेज हुई है, तब से इन तीनों का ठिकाना उनका प्लांट ही है। कोई सहज ही यकीन नहीं करेगा कि करीब महीने भर हो चुके हैं उन्हें अपने घर गए हुए।
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यश।
- फोटो : अमर उजाला।
जहां यश बीटेक डिग्री धारी हैं तो कुशाग्र और शेखर ने बिजनेश एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की हुई है। लगातार प्लांट संचालित करना है, लिहाजा तीनों ने आपस में समन्वय बना रखा है, ताकि नींद भी पूरी हो जाए। शिफ्टवार काम करते हैं, तीनों आपस में मिलकर।
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कुशाग्र।
- फोटो : अमर उजाला।
कुशाग्र ने बताया कि पिछले करीब 30 दिनों से तीनों घर नहीं गए हैं। खाना बाहर से आता था, गुरुवार से प्लांट परिसर में ही बनवाने की व्यवस्था की है। एक रसोइया रखा गया है। कम से कम समय से चाय और खाना तो मिल जाएगा।
वे कहते हैं कि निश्चित तौर पर यह बहुत ही चुनौती भरा समय है। ऑक्सीजन की उपलब्धता के एक-एक सेकंड को मैनेज करना पड़ता है। बहुत ही व्यस्तता रहती है। फिर भी जुटे हुए हैं, हम सभी इस महामारी से जंग में। ‘भले ही अभी बहुत ही चुनौती वाले दिन हैं, लेकिन जीत तो हमारी ही होगी।’