गोरखपुर में हाथी का तांडव।
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पोती को बचाने के चक्कर में चली गई कांती की जान
कांती, पोती आयुषी को लेकर यज्ञ में आई थीं। वह भी हाथी के पास ही थीं। अचानक भगदड़ मचने पर आयुषी को पीछे करके कांती आगे आ गईं। इसी बीच हाथी ने पटककर कांती को मार डाला।
मोहम्मदपुर माफी ग्राम प्रधान अभिमन्यु ने कहा कि महायज्ञ का आयोजन गांव वालों ने मिलकर किया था। हाथी बांसगांव के विपिन सिंह की थी। यह विधायक हैं या नहीं, यह नहीं मालूम है। महायज्ञ में दो हाथी, ऊंट को बुलाया गया था। हादसे के बाद दूसरे हाथी को भी हटा दिया गया। पांच साल बाद यज्ञ का आयोजन हुआ था।