एमएमएमयूटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल लोग।
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शिवशंकर ने बताया कि बड़े भाई की मदद से हाई स्कूल और इंटर की पढ़ाई अमेठी के सर्वोदय साइंस इंटर कॉलेज से की। इसके बाद संजय गांधी गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश लिया। इलेक्ट्रानिक से इंजीनियरिंग करने के बाद 2014 में कैंपस सेलेक्शन लखनऊ की एचसीएल कंपनी में हो गया। तीन साल तक 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने के बाद आगे पढ़ने की इच्छा हुई, लेकिन आर्थिक समस्या सामने खड़ी थी। भाई को बताया तो उन्होंने आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया और आर्थिक मदद की। उन्हीं की प्रेरणा और मदद से नौकरी छोड़कर 2017 में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। भाई के आशीर्वाद से मुझे आज गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है। यह बताते हुए शिवशंकर का गला रुंध गया था।