एक्सप्रेस वे के अफसरों से जानकारी लेते डीएम व एसपी
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गुरुवार सुबह गांव निवासी शिवबरन (52) पैदल दूध देने पूरे बख्तावर गांव स्थित डेरी गया था। लौटते समय उसे प्लांट के टैंकर ने रौंद दिया। हादसे में शिवबरन की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने प्लांट पर धावा बोल दिया। वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने विरोध किया तो ग्रामीण उन पर हमलावर हो गए और प्लांट को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई। प्लांट कर्मचारियों ने वहां से भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही डीएम अरुण कुमार, एसपी दिनेश सिंह, एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फायर कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आगजनी में बैचिंग प्लांट, लैब, स्टोर, दो पिकअप तथा एक बाइक जल गई। ग्रामीणों ने तीन बोलेरो जीप, एक बाइक, अस्थाई पेट्रोलपंप व कार्यालय भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। डीएम की ओर से मृतक शिवबरन के आश्रितों को किसान दुर्घटना बीमा योजना से पांच लाख रुपये व कार्यदाई संस्था गायत्री प्रोजेक्ट की ओर से पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने तथा चालक के खिलाफ केस दर्ज करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।