रामगढ़ताल झील।
- फोटो : राजेश कुमार
ताल में अब नहीं दिख रहे हैं ठोस अपशिष्ट
रोजाना सैकड़ों की भीड़। खाने-पीने के 100 से ज्यादा ठेले खोमचे। भुट्टे से लेकर गोलगप्पों तक की दुकानों पर शाम का लुफ्त उठाते हुए लोगों से खचाखच भरे रहने वाले रामगढ़ ताल क्षेत्र में यह आम नजारा होता है, लेकिन इन दिनों यह पूरी तरह से बदला हुआ है ना तो रामगढ़ ताल के नजारों का लुत्फ उठाने के लिए लोग आ रहे हैं और ना ही कोई दुकानदार। इनकी वजह से ताल में जो ठोस अपशिष्ट तैरते हुए नजर आते थे, वो नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में पर्यटन के लिहाज से एक खास पहचान बन चुका रामगढ़ ताल का नजारा इन दिनों मनोहर नजर आ रहा है। गंदगी और कोलाहल से बिलकुल दूर।