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महराजगंज के इस तालाब के बारे में नहीं जानते होंगे आप, जल्द बनेगा ईको टूरिज्म

Sun, 24 May 2020 03:54 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
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MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज स्थित फरेंदा लेहड़ा देवी मंदिर से 8 किलोमीटर दूर परगापुर तालाब आने वाले समय में दर्शकों के लिए बेहतर ईको टूरिज्म केंद्र होगा। प्राणि विभाग की तरफ से 1 करोड़ रुपये की परियोजना शासन को भेजी गई है। अधिकारियों को उम्मीद है 50 लाख रुपये इस वर्ष और अगले 50 लाख रुपये अगले वर्ष मिल जाएंगे।
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मगरमच्छ का बच्चा - फोटो : amar ujala
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि आने वाले समय में गोरखपुर चिड़ियाघर और परगापुर तालाब पूर्वांचल के सबसे बड़े ईको टूरिज्म केंद्र के रूप में जाने जाएंगे। परगापुर तालाब में लगभग 69 एकड़ में हैं। इसमें ढाई एकड़ में मगरमच्छ और ढाई एकड़ में कछुए के लिए संग्रहित किया जाएगा। इसके अलाव ढाई एकड़ में छोटे-छोटे माउंट बनाए जाएंगे। साथ ही बबूल के पेड़ों को भी इन्हीं माउंट के किनारे लगाए जाएंगे।
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घोंसला - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि इससे गर्मियों में कछुआ व मगरमच्छ इस माउंट पर आ सकेंगे। वहीं बबूल के पेड़ों पर चिड़िया अपना घोंसला बनाकर रह सकेंगी। बीते मंगलवार को प्रपोजल शासन को भेजा है। वन सप्ताह के बीच ही इसका काम भी शुरू किया जा सकेगा।

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कछुआ - फोटो : अमर उजाला
सोनौली एनएच से 20 मिनट में पहुंच जाएंगे
डीएफओ ने बताया कि महाराजगंज सोनौली बार्डर ही नेपाल में का बार्डर है। दर्शक भारी संख्या में नेपाल धूमने भी जाते हैं। सोनौली एनएच बार्डर से 20 मिनट की दूरी पर परगापुर तालाब है। आसानी से पर्यटकों के लिए पर्यटल स्थल बन सकेगा।
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kukrail park - फोटो : अमर उजाला।
लखनऊ कुकरैली से आएंगे मगरमच्छ
डीएफओ ने बताया कि परियोजना स्वीकृत होने के बाद मगरमच्छ लाने का प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना होगा। लखनऊ कुकरैली मगरमच्छ प्रजनन एवं संरक्षण केंद्र से इन्हें लाया जाएगा।
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