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तस्वीरें: गोरखपुर आते ही सो गए थे बलशाली भीम, बन गया था बड़ा तालाब!

Thu, 10 Dec 2020 04:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर से जुडी कई धार्मिक कहानियां और मान्यताएं हैं लेकिन इसी मंदिर के प्रांगण में छोटा सा एक मंदिर ऐसा भी है जो बयान करता है कि इस जगह पर आकर बलशाली भीम को भी थक कर सो जाना पड़ा था। जहां भीम सोए थे वहां तालाब बन गया था।
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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
जी हां, पांडू पुत्र और राजा युधिष्ठिर के छोटे भाई महाबली भीम की प्रतिमा गोरखनाथ मंदिर की एक खास पहचान है। किवदंती के अनुसार महाबली भीम गुरु गोरक्षनाथ को निमंत्रित करने के लिए खुद गोरखपुर आए हुए थे।

 
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लेटे हुए महाबली भीम। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर का इतिहास महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। इसका जीता जागता प्रमाण गोरखनाथ मंदिर परिसर में महाबली भीम की लेटी हुई विशाल प्रतिमा है। दरअसल मध्यकालीन समय में, इस शहर को मध्यकालीन हिंदू संत गोरक्षनाथ के नाम पर गोरखपुर नाम दिया गया था।

 

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बाबा गोरखनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
हालांकि गोरक्षनाथ की जन्म तिथि अभी तक स्पष्ट नहीं है, तथापि जनश्रुति यह भी है कि महाभारत काल में युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ का निमंत्रण देने उनके छोटे भाई भीम स्वयं यहां आएं थे।

 
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बाबा गोरखनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
चूंकि गोरक्षनाथ जी उस समय समाधिस्थ थे, अत: भीम ने यहां कई दिनों तक विश्राम किया था। उनकी विशालकाय लेटी हुई प्रतिमा आज भी हर साल तीर्थयात्रियों की एक बड़ी संख्या को अपनी ओर आकर्षित करती है।
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