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तस्वीरें: प्रकृति को भगवान का दूसरा रूप मानता है ये शख्स, यहां परिवार के हर सदस्य के लिए लगा है खास पौधा

Thu, 13 Aug 2020 04:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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पीस चर्च के बिशप ने अपने आवास पर तैयार किया है सुंदर बगीचा। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के पूर्वी बशारतपुर स्थित पीस चर्च के बिशप लवीन मोरार बागवानी का भी शौक रखते हैं। उनका कहना है कि प्रकृति भगवान का दूसरा रूप है। मसीही समाज में बागीचा को पवित्र स्थान माना जाता है। परमेश्वर ने जब इंसान की रचना की तो उसे अदन का बगीचा (ईडन गार्डन) में रखा था। इस पवित्र स्थान में बैठकर ध्यान लगाने से मन को शांति मिलती है। वहीं, प्रभु आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। यही वजह है कि उन्होंने मयूर विहार स्थित अपने आवास में 8000 स्क्वायर फीट का सुंदर गार्डन तैयार किया है, जहां वह प्रार्थना सभाएं करते हैं।
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पत्नी रूथ मोरार के साथ बिशप लवीन मोरार। - फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला से बातचीत में बिशप ने बताया कि वर्ष 1992 में वे देवरिया के भागलपुर से बशारतपुर स्थित चर्च में आए थे। साल 1994 से चर्च के बिशप की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बागवानी में उनकी पत्नी रूथ मोरार साथ निभाती हैं। उन्होंने बताया कि जब वे मयूर विहार के अपने आवास पर पहुंचे तो यहां किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाने का निश्चय किया और खाली पड़ी जगह पर सुंदर गार्डन तैयार करने की ठानी।
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बिशप लवीन मोरार का बागीचा। - फोटो : अमर उजाला।
बिशप ने धीरे-धीरे पहले अंगूर, नारियल, अनार, बड़ा नींबू, आम और छोटा नींबू, क्रोटन, कैनेडुला और पॉम के पौधों को रोपित किया। उसके बाद पूरे मैदान को हरा-भरा रखने के लिए चाइनीज ग्रास, फूलों की विभिन्न प्रजातियां, सजावटी पौधों को रोपा। 26 वर्षों से लगातार चल रहे प्रयासों की वजह से घर के गार्डन में प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलता है।

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बिशप लवीन मोरार का बागीचा। - फोटो : अमर उजाला।
लुभाते हैं 30 साल के बोनसाई
बिशप ने बताया कि उनके गार्डन में 12 अशोक के बोनसाई पेड़ हैं, जोकि तीस साल पुराने हैं। इनका ख्याल उनकी पत्नी रूथ मोरार रखती हैं। खाद-पानी से लेकर रखरखाव से जुड़े सभी काम रूथ ही करती हैं। हर रोज गार्डन को हरा-भरा रखने के लिए पति-पत्नी दोनों समय निकालते हैं।
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8000 हजार स्क्वायर फीट के बगीचे में चाइनीज ग्रास के साथ तरह-तरह के फलदार पेड़ हैं मौजूद। - फोटो : अमर उजाला।
परिवार में जितने सदस्य उतने पौधे लगाएं
बिशप ने कहा कि परमेश्वर ने धरती पर इंसानों के साथ ही पेड़ और पौधे भी बनाए हैं। इनकी वजह से ही पानी और ऑक्सीजन जैसी जरूरी चीजें हमें निशुल्क प्राप्त होती हैं। इनका संरक्षण करना हमारा दायित्व है। इससे छेड़छाड़ करना बेहद घातक है। ये सभी एक चक्र से जुड़े हैं, चक्र का कोई भी सदस्य अगर छूटा तो पूरी धरती का विनाश हो जाएगा। जिसके परिवार में जितने सदस्य हों उसे उतने पौधे जरूर लगाना चाहिए।
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