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इस फ्रांसीसी परिवार को रास आ गई गांव की आबोहवा, इनकी तस्वीरें देखकर चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान

Thu, 04 Jun 2020 10:40 AM IST
vivek shukla संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
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फ्रांसीसी परिवार को गांव बहुत पसंद आ रहा है। - फोटो : अमर उजाला।
महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा का शिव मंदिर इन दिनों सुर्खियों में है। यहां फ्रांसीसी परिवार लॉकडाउन के बाद से ही फंसा हुआ है। अब उन्हें भारत नेपाल सीमा खुलने का इंतजार है। जब बार्डर से आवागमन सामान्य होगा, तभी फ्रांसीसी परिवार यहां से जाएंगा। इस परिवार को अब गांव की आबोहवा रास आ रही है। खाली वक्त में गांव के प्राइमरी स्कूल का ब्लैक बोर्ड बच्चों की पढ़ाई में मददगार साबित हो रहा है।
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फ्रांसीसी परिवार लॉकडाउन में फंस गया। - फोटो : अमर उजाला।
फ्रांस के टूलूज शहर के रहने वाले पैट्रीस पैलेरस अपने पत्नी वर्गिनी पैलेरस एवं बच्चों के साथ टूरिस्ट वीजा पर पहली मार्च 20 को पाकिस्तान से बाघा बार्डर होते हुए भारत में आए थे। अचानक लॉकडाउन होने के बाद वह यहीं फंस गए। उन्हें नेपाल जाना था लेकिन सीमा सील होने के कारण वह कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा गांव के शिव मंदिर को अपना ठिकाना बना लिए। इन दिनों बारिश होने पर वह परिवार समेत प्राइमरी स्कूल में सुरक्षित रहते हैं। मंदिर के पुजारी द्वारा उन्हें हर रोज स्वादिष्ट भोजन कराया जाता है।
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टॉम गांव के बच्चों के साथ दिनभर साइकिल से घूमता है। - फोटो : अमर उजाला।
फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैट्रीस पैलेरस व उनकी पत्नी वर्गिनी पैलेरस उनकी दो बेटियां ओफिली पैलेरस व लोला पैलेरस तथा बेटा टॉम पैलेरस गांव की रच बस गए हैं। गांव के बच्चों से घुलमिलकर उनके साथ रहना इस परिवार की दैनिक दिनचर्या में शामिल हैं। टॉम तो गांव के बच्चों से साथ दिनभर बैठकर धूल मिट्टी में खेलता है। बच्चे उसे इतना स्नेह देते हैं कि उसे पता नहीं चलता है कि वह पराए देश में है।

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प्राइमरी में पढ़ाई करती। - फोटो : अमर उजाला।
वर्गिनी पैलेरस कहती है कि खाली वक्त में अपने बच्चों को पढ़ाती हूं। प्राइमरी स्कूल का ब्लैक बोर्ड पढ़ाने में काफी मददगार होता है। बच्चों को ज्ञान मिलने के साथ ही उनका वक्त भी आसानी से गुजर जाता है। मंदिर के पुजारी बाबा हरिदास ने बताया कि फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य काफी घुलमिल गए हैं। उनको समय पर बेहतर ढंग से भोजन दिया जाता है। जब कभी बारिश होती है तो वे लोग प्राइमरी स्कूल में रहते हैं। गांव की आबोहवा उन्हें काफी अच्छी लग रही है।
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मंदिर में ग्रामीणों के साथ फ्रांसीसी परिवार। - फोटो : अमर उजाला।
नहीं देख सके ताजमहल
फ्रांस के टूलूज शहर से 12 जुलाई 2019 को 24 देशों की यात्रा पर यह फ्रांसीसी परिवार निकला। जो यूरोप, तुर्की, जार्जिया, ओमेनिया, ईरान, दुबई, अमीरात, यूएई, ओमान से पाकिस्तान होकर एक मार्च 20 को बाघा बार्डर होते हुए भारत पहुंचा। यह परिवार भारत के जयपुर, जोधपुर, नई दिल्ली से होकर ताज के दीदार के लिए आगरा पहुंचा। लेकिन लॉकडाउन के होने के बाद प्रवेश वर्जित होने पर ताज के दर्शन नहीं हो सके।
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गांव में घूमती ओफिली पैलेरस। - फोटो : अमर उजाला।
इन देशों की यात्रा करनी है
ओफली पैलेरस ने बताया कि भारत भ्रमण के बाद नेपाल, म्यांमार, थाईलैंड, लाऊस व कंबोडिया का भ्रमण अभी शेष है। लेकिन नेपाल सीमा अभी सील है। जब नेपाल सीमा खुलेगी तो हम सभी भ्रमण के लिए आगे की यात्राा करेंगे।
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