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गोरखपुर शहर विधानसभा सीट: जितना वोट भाजपा को मिला, उतना सपा-बसपा व कांग्रेस मिलकर भी नहीं पाए

Wed, 19 Jan 2022 02:55 PM IST
vivek shukla संतोष सिंह, गोरखपुर।
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सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को खूब वोट मिलते हैं। पिछले दो चुनावों के आंकड़ों पर निगाह डालें तो स्थिति साफ हो जाएगी। जितना वोट अकेले भाजपा को मिला था, उतना सपा, बसपा व कांग्रेस को मिलाकर भी नहीं मिल पाया था। यह वही सीट है, जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है।

शहर विधानसभा क्षेत्र को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। यह सीट पिछले 33 वर्षों से भाजपा के पास है। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा व कांग्रेस का गठबंधन हुआ था। दोनों दलों ने मिलकर राहुल राणा सिंह को संयुक्त प्रत्याशी बनाया था। लगा था कि चुनाव रोचक और जोरदार होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। नतीजे चौंकाने वाले आए। भाजपा प्रत्याशी को 1,22,221 वोट मिले, जबकि सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी को 61,491 वोट ही मिल सके। भाजपा के डॉ आरएमडी अग्रवाल को 60,730 वोटों के अंतर से जीत मिल गई। यही नहीं, 2012 के मुकाबले 2017 के विधानसभा चुनाव में ज्यादा बड़ी जीत मिली। जीत का अंतर भी बढ़ गया।   
 
 
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सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

मुख्यमंत्री के चुनाव मैदान में आने से मुकाबला दिलचस्प

भाजपा ने शहर विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को प्रत्याशी बनाया है। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यह सीट 1989 से भाजपा के पास है। 2002 के चुनाव में डॉ आरएमडी अग्रवाल ने बतौर हिंदू महासभा प्रत्याशी चुनाव जीता था, लेकिन बाद में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस सीट पर तीन मार्च को वोट डाले जाएंगे। इससे पहले चार फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। सपा, बसपा व कांग्रेस ने इस सीट पर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। प्रत्याशियों के सामने आने के बाद ही चुनावी लड़ाई का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा।

2017
पार्टी कुल मत मिले फीसदी
भाजपा 1,22,221  56.07
कांग्रेस-सपा (गठबंधन) 61,491 28.21
बसपा 24,297 11.15
पीस पार्टी   2,252 1.03


 
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गोरखपुर में चुनाव। - फोटो : अमर उजाला।

21 प्रत्याशियों ने ठोंकी थी चुनावी ताल

शहर विधानसभा क्षेत्र से 21 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। इनमें से 17 प्रत्याशी ऐसे थे, जिन्हें एक हजार वोट भी नहीं मिल सका था।  आठ प्रत्याशी ऐसे थे, जो 300 वोट नहीं पा सके थे। ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

2012
पार्टी वोट प्रतिशत
भाजपा 81,148 49.19
सपा 33,694 20.42
बसपा 23,811 14.43
कांग्रेस 11,171 6.77
        

 

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सीएम योगी। - फोटो : amar ujala

चुनाव मैदान में थे 31 प्रत्याशी, ज्यादातर की जमानत जब्त

शहर विधानसभा क्षेत्र से 31 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। नौ प्रत्याशी 300 वोट भी नहीं पा सके थे। इसी तरह नौ और प्रत्याशियों को 500 वोट नहीं मिल सके थे। छह प्रत्याशी ऐसे थे, जो एक हजार मत नहीं पा सके थे। ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

2022 के चुनाव में मतदाता

कुल मतदाता- 453662
पुरुष- 243013
महिला- 210574
थर्ड जेंडर-75
स्रोत: निर्वाचन आयोग

 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
भाजपा महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि गोरखपुर का विकास दिखने लगा है। चारों तरफ फोरलेन व सिक्सलेन सड़कों का जाल बिछ गया है। एम्स, खाद कारखाना बन चुका है। इलाज की बेहतर सुविधा मिल रही है। नौकायन केंद्र महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन गया है। चिड़ियाघर मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रत्याशी हैं। लिहाजा, जनता का समर्थन और ज्यादा मिलेगा। लक्ष्य, जीतने का नहीं, रिकॉर्ड मतों से जीतने का है।
 
सपा जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता घर-घर दस्तक दे रहे हैं। हर बार की तुलना में इस बार ज्यादा वोट मिलेगा। यूपी में सपा की सरकार बन रही है। कार्यकर्ता कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करके चुनाव प्रचार को आगे बढ़ा रहे हैं।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने कहा कि प्रियंका गांधी की तरफ जनता उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है। कांग्रेस इस बार महिलाओं को 40 फीसदी सीट दे रही है। इसका सीधा फायदा मिलेगा। जब चुनाव आया, तब सपा व बसपा मैदान में आई हैं। कांग्रेस, दमदार प्रत्याशी उतारकर मुख्यमंत्री को चुनौती देगी। शहर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन दमदार रहेगा।

बसपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार जिज्ञासु ने कहा कि बूथ व सेक्टर स्तर पर अच्छी तैयारी है। भाजपा सरकार से जनता त्रस्त है। इसका लाभ बसपा को मिलेगा। शहर विधानसभा क्षेत्र से मजबूत प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। जनता को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का शासनकाल याद है। तब यूपी में कानून का राज स्थापित था। अब कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
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