फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: अनाथ आश्रम की आड़ में बेचे जा रहा थे बच्चे, अपने ही बुने जाल में फंस कर गिरोह का हुआ भंडाफोड़

Thu, 29 Sep 2022 11:04 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 8
बच्चा चोर गैंग। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के तिवारीपुर के डोमिनगढ़ में पकड़ा गया मऊ निवासी शेखर अपने साथियों संग अनाथ आश्रम की आड़ में बच्चों की खरीद-फरोख्त का गिरोह संचालित करता है। एक बच्चे की मां को प्रलोभन देकर शेखर ने गिरोह के गुर्गों के साथ ले जाने की साजिश रची थी। लेकिन, अपने ही बुने जाल में आरोपी फंस गए। पुलिस ने दस महीने के बच्चे अंश को बरामद करते हुए गिरोह में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। वहीं, घटना में वांछित पांच नामजद लोगों की तलाश में पुलिस जुटी है।

उधर, मऊ में संचालित अनाथ आश्रम से अब तक गोद दिए गए बच्चों की जांच की जिम्मेदारी सीओ बांसगांव को सौंपी गई है। गिरोह का पर्दाफाश करने वाले तिवारीपुर एसओ मनद मिश्रा और एसओजी प्रभारी मनीष यादव की टीम को एसएसपी ने 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।  

इसे भी पढ़ें: बिजली बिल में की थी गड़बड़ी, दोषी अभियंताओं संग लिपिकों को चेयरमैन ने किया निलंबित
विज्ञापन

2 of 8
आरोपी पुष्पा देवी। - फोटो : अमर उजाला।
 पुलिस लाइंस में बुधवार को एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि कैंपियरगंज के तेनूआ विश्मभरपुर निवासी शायदा खातून उर्फ गुड़िया के दस महीने के बच्चे अंश को लेकर गिरोह के सदस्य फरार हुए थे, जिसे बरामद किया गया है। गुड़िया ने दो साल पहले चिलुआताल के दुर्गापुर निवासी मनीष यादव से प्रेम विवाह किया था। करीब एक साल पहले पति ने उसे छोड़ दिया और वह गोरखनाथ के राजेंद्र नगर में किराये के कमरे में रहने लगी। यहीं पर उसकी मुलाकात पति के दोस्त व बांसगांव के कौसा बाजार निवासी अनिल पासवान से हो गई। अनिल मदद के नाम पर कुछ रुपये गुड़िया को दिया करता था। अनिल ने अपने दोस्त राजेंद्र नगर निवासी जितेंद्र भारती, कौसा निवासी अनुराधा मिश्रा उर्फ गोल्डी, अपनी बेटी और दो अज्ञात लोगों के साथ गुड़िया से मुलाकात की।

 
विज्ञापन

3 of 8
आरोपी अंकित मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला।
सबने मिलकर कहा कि तुम्हारे बच्चे को एक शख्स को दिखाना है, वह कुछ रुपयों की मदद कर सकता है। गुड़िया कुछ समझ नहीं पाई। इधर जितेंद्र ने एक नर्सिंग होम के पैथॉलॉजी में काम करने वाले मनीष से संपर्क किया। मनीष, कुशीनगर के अंकित मिश्रा का दोस्त है। इलियाज, जितेंद्र, अंकित, अंकुर सिंह और शेखर पहले से मित्र हैं। सबने मिलकर शेखर को बताया कि एक दस महीने का बच्चा है और 45 हजार रुपये में ही उसकी मां मान जाएगी। इस पर शेखर अपनी पत्नी को दिखाने के बहाने आया और फिर किराए पर गाड़ी बुककर अंकित से नौसड़ चौक पर मिला। उधर, गुड़िया को गुमराह करके अंकुर, जितेंद्र आदि लेकर डोमिनगढ़ के पास आए। अंकुर का घर डोमिनगढ़ के पास है, इस वजह से उसी जगह पर साजिश रची गई।

4 of 8
आरोपी अनिल पासवान। - फोटो : अमर उजाला।
मां के आते ही अंकुर ने गोद में बच्चे को लिया और फिर रुपये लेकर उसमें से पांच हजार मां के हाथ पर रख दिए और शेखर की ओर इशारा कर चोर-चोर कहकर चिल्लाने लगा। भीड़ जुटने पर अंकुर रुपये और बच्चा दोनों लेकर फरार हो गया। इसके बाद ही पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच कर घटना का पर्दाफाश किया है। एसपी ने बताया कि शेखर की पत्नी और चालक की भूमिका नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ा गया है। मामले में गुड़िया की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है।
 
विज्ञापन

5 of 8
आरोपी अनुराधा मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला।
सात की हुई गिरफ्तारी, पांच वांछित
पुलिस ने मऊ जनपद के गोहना मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के सेखवारा निवासी व अनाथ आश्रम संचालक शेखर तिवारी, चिलुआताल के झुंगिया बाजार निवासी अनिल पासवान, गोरखनाथ इलाके के राजेंद्र नगर निवासी जितेंद्र भारती, बांसगांव के भैंसवा निवासी अनुराधा मिश्रा उर्फ गोल्डी पत्नी मनोज मिश्रा, कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र के मठिया निवासी अंकित मिश्रा, गगहा के सिहाइचपार निवासी इलियाज खां और संतकबीरनगर के महुली थाना क्षेत्र के चंदापार निवासी पुष्पा देवी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मनीष मिश्रा, अंकुर सिंह, रवि, टूनटून, छोटू और कुछ अज्ञात की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
 
विज्ञापन

6 of 8
आरोपी इलियास। - फोटो : अमर उजाला।
मोबाइल फोन से मिले 20 से अधिक बच्चों के फोटो
पुलिस ने गोल्डी उर्फ अनुराधा का मोबाइल फोन बरामद किया है। उसके मोबाइल फोन में 20 से अधिक बच्चों के फोटो मिले हैं। पुलिस ने इसकी तहकीकात शुरू कर दी है कि बच्चों को कहां से गायब कर कहां बेचा गया। पुलिस को पूरा संदेह है कि गरीब लोगों को प्रलोभन देकर बच्चों को अनाथ आश्रम में दाखिल किया गया है और फिर जरूरतमंद से वसूली कर उससे आमदनी की गई है। यही वजह है कि बच्चों के फोटो के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही अनाथ आश्रम से अब तक गोद लिए और दिए गए बच्चों का ब्योरा जुटाने की जांच सीओ बांसगांव को सौंपी गई हैं।

 
विज्ञापन

7 of 8
आरोपी जितेंद्र। - फोटो : अमर उजाला।
खुद के बुने जाल में ही फंस गए
साजिश के तहत अंकुर ने यह सोचा था कि रुपये लेने के बाद उसे हड़प लिया जाएगा। बच्चा भी नहीं दिया जाएगा और रुपया भी आ जाएगा। इसी के लिए उसने अपने घर के पास डोमिनगढ़ के करीब शेखर को बुलाया था। बच्चा देकर रुपये लेने के बाद उसने पहले बच्चे की मां गुड़िया को चुप करने के लिए उसके हाथ पर पांच हजार रुपये दे दिए और फिर बच्चा चोर कहकर खुद ही चिल्लाने लगा। इसके बाद भीड़ जुट गई और आए दंपती की पिटाई कर उसे पुलिस को सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने जांच कर पूरे मामले का भांडाफोड़ कर दिया।

 
विज्ञापन

8 of 8
आरोपी शेखर तिवारी। - फोटो : अमर उजाला।
जुर्म साबित होने पर इन धाराओं के तहत हो सकती है सजा
धारा 311: ठगी करना (सजा- आजीवन कारावास व आर्थिक दंड)।
धारा 327 : बलपूर्वक संपत्ति या मूल्यवान चीज लेना (सजा- दस साल व आर्थिक दंड)।
धारा 120 बी: आपराधिक साजिश (सजा- छह महीने व जुर्माना से लेकर आजीवन कारावास तक)।
धारा 506: धमकी देना (सजा- दो साल तक हो सकती है)।
धारा 34 : जानबूझ कर किया गया अपराध।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें