फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गली-गली घूम रहे फेरी वाले: राशन का सस्ता चावल दे दो, बदले में पैसे ले लो

Sat, 22 Apr 2023 11:38 AM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
किराना की दुकानों पर बिक रही सरकारी चावल। - फोटो : अमर उजाला।
कबाड़ के लिए गली-गली मंडराने वाले कबाड़ियों को अब ज्यादा चोखा धंधा मिल गया है। कबाड़ से ज्यादा अब राशन के चावल पर इन फेरी वालों की नजर रहती है। जोर से आवाज लगाते हैं... कबाड़ी, फिर दरवाजे पर फुसफुसाते हैं... राशन वाला चावल दे दो। छोटी बस्ती-मुहल्लों के बाशिंदे भी इनके इंतजार में रहते हैं। इशारों में ही सस्ते चावल देकर रकम ले लेते हैं। यही नहीं, राशन डिपो और अढ़ातियों के जरिए भी सस्ते चावल के बदले रकम या जरूरत के सामान की अदला बदली जोरों पर है।

राशन के चावल का यह खेल करोड़ों रूपये महीने का है। लोगों को मुफ्त में मिल रहा सरकारी चावल किराने की दुकानों और साप्ताहिक मंडियों में बिक रहा है। बहुत कम ही लोग इसे पकाते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो कोटेदार से चावल की जगह रुपये ले लेते हैं, जबकि कुछ लोग दुकानों पर सरकारी चावल बेचकर उसकी जदग फिर अच्छी गुणवत्ता का चावल, चायपत्ती, चीनी, मसाला आदि सामान बदल लेते हैं। बहुतायत संख्या ऐसी है जो फेरी वालों को चावल बेचते हैं, वह भी दो किलो के बदले एक किलो अच्छे चावल के दाम पर। खुला खेल फर्रुखाबादी की तर्ज पर ऐसी खरीद-फरोख्त शहर और देहात हर जगह चल रही है।

इसे भी पढ़ें: जब महराज जी के लगाए पौधे सूख गए, बाकी को कौन पूछे
विज्ञापन

2 of 5
किराना की दुकानों पर बिक रही सरकारी चावल। - फोटो : अमर उजाला।
सरकार पहले राशन की दुकानों के माध्यम से सामान्य मोटा चावल लोगों को मुफ्त उपलब्ध कराती थी। लेकिन, अब जो चावल मिलता है वह फोर्टीफाइड है। इस चावल पर आयरन, विटामिन, बी-12, फॉलिक एसिड, जिंक, विटामिन ए व बी के मिश्रण की लेयर चढ़ती है। जिससे यह प्लास्टिक कोटेड दिखता है। एक कुंतल सामान्य चावल में एक किलो फोर्टीफाइड चावल मिलाया जाता है। फेरी लगाने वाले भारटोलिया ईस्टर्नपुर के त्रियुगी बताते हैं साप्ताहिक बाजार में सरकारी चावल की बिक्री ज्यादा होती है। वहां मोटे अनाज की भी कई वैरायटी रहती है। लोग बदलकर अपने पसंद का चावल खरीद लेते हैं।

इसे भी पढ़ें: दस माह के मासूम के अपहरण के आरोप में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, बोली- मेरे बच्चे की शक्ल मिलती थी
विज्ञापन

3 of 5
किराना की दुकानों पर बिक रही सरकारी चावल। - फोटो : अमर उजाला।
कई जगह खुलेआम तो कहीं स्टोर में रखते हैं
देहात इलाके में तो यह चावल खुलेआम बिकता है। लेकिन, शहर में इसे स्टोर में रखते हैं। रूस्तमपुर में किराने के दुकान पर काम करने वाले गुड्डू ने बताया फोर्टीफाइड चावल ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग खरीदते हैं। लोग खुद ही आकर फोर्टीफाइड चावल 13 से 14 रूपये में बेच देते हैं। ग्राहकों को इसे 18 से 20 रूपये में बेचा जाता है। आजाद चौक के एक दुकानदार का कहना है कि कौन सरकारी चावल पसंद कर रहा है। फोर्टीफाइड चावल के बदले लोग कुछ और सामान ले लेते हैं।

इसे भी पढ़ें: नमाजियों ने मांगी भाईचारे व तरक्की की दुआ, मस्जिदों में उमड़े नमाजी

4 of 5
किराना की दुकानों पर बिक रही सरकारी चावल। - फोटो : अमर उजाला।
मोहल्ले में आकर फेरी वाले खरीदते हैं
अक्सर आपको मोहल्लों में साइकिल पर चावल की बोरी रखकर घूमते फेरी वाले मिल जाएंगे। ये लोग साथ में इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन लेकर चलते हैं। लोग इन्हें 12 से 13 रुपए में फोर्टीफाइड चावल बेच देते हैं। फेरी वाले ही उन्हें पसंद का चावल या रकम दे देते हैं।

इसे भी पढ़ें: किशोरी को जबरन मोबाइल नंबर दे रहे थे युवक, पकड़े गए

गेहूं जब महंगा था तो आधा चावल बेचकर आटा खरीद लिया। जब चावल खत्म हुआ तो बाजार में दुकान से सरकारी चावल कम दाम में मिल गया। साहब, इसी तरह हमारा काम चल जाता है। : अजीत, ईस्टर्नपुर।

हम लोग तो सरकारी चावल पकाकर खाते हैं। जितना मिलता है ,उसमें महीने का काम चल जाता है। पिछले साल बाजार से खरीदकर रख लिया था। पुराना होने पर स्वादिष्ट लगने लगा। : आयुष, पादरी बाजार।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
किराना की दुकानों पर बिक रही सरकारी चावल। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में राशनकार्ड व लाभार्थियों की संख्या
 
वर्ग  राशनकार्ड लाथार्थी
पात्र गृहस्थ कार्ड 669986 2858407
अंत्योदय कार्ड 126391 494078

प्रतिमाह इतना मिलता है खाद्यान्न
अंत्योदय : 14 किलो गेहूं, 21 किलो चावल
पात्र गृहस्थ कार्ड : दो किलो गेंहू, तीन किलो चावल प्रति सदस्य

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें