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शहीद का दर्जा दिलाने को लेकर बवाल: सात घंटे तक मचा कोहराम, उग्र भीड़ पर दागे गए आंसू गैस के गोले

Sat, 26 Mar 2022 09:51 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

घर से नौ किलोमीटर पैदल सैनिक का पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे थे ग्रामीण, रात में विशेष सतर्कता का आदेश
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गोरखपुर में बवाल। - फोटो : iStock
गोरखपुर जिले के झंगहा से लेकर चौरीचौरा तक शुक्रवार को सात घंटे बवाल चला। पुलिस-प्रशासन के रवैये से असंतुष्ट भीड़ इस तरह से उग्र हुई कि आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े। देर रात तक जिले भर की फोर्स के साथ ही पीएसी बुलाई गई, तब किसी तरह से हालात पर काबू पाया गया है। हालांकि, अभी जवान के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि नहीं हो सकी है। शनिवार सुबह पुलिस-प्रशासन अंत्येष्टि की तैयारी में है तो उधर, ग्रामीणों का रुख अभी उग्र ही है।

 जानकारी के मुताबिक, राघोपट्टी निवासी धनंजय यादव का पार्थिव शरीर लेकर ग्रामीण गांव से नौ किलोमीटर दूर चौरीचौरा के भोंपा बाजार चौराहे पर पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस-प्रशासन को जरा भी भनक नहीं थी कि इस तरह का बवाल हो जाएगा। उन्हें लगा कि पार्थिव शरीर की यात्रा निकालकर ग्रामीण अंत्येष्टि करा देंगे। लेकिन, पुलिस चूक गई और अचानक भीड़ उग्र होकर धरने पर बैठ गई। रेलवे ट्रैक जाम कर अपने मांग को मनाने पर अड़ गए।

 
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गोरखपुर में बवाल: मौके पर पहुंचे डीएम। - फोटो : अमर उजाला।
एसडीएम मौके पर पहुंचे थे और आश्वासन भी दिए, लेकिन बात नहीं बनी। फिर शाम को सात बजे के करीब डीएम विजय किरन आनंद खुद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समझाने की कोशिश की और घरवाले मान भी गए। डीएम ने उनकी मांगों को शासन में भेजकर पूरा कराने की बात कही थी। मौजूद सभी अफसरों को लगा कि अब विवाद टल गया, लेकिन तभी कुछ मनबढ़ युवक पथराव करने लगे और मामला बिगड़ गया। इसके बाद उग्र भीड़ डीएम और पुलिस पर हमलावर हो गई। सरकारी गाड़ियों को तोड़ने के साथ ही आग के हवाले कर दिया गया।

 
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गोरखपुर में बवाल: उग्र भीड़ ने बाइक को जला दिया। - फोटो : अमर उजाला।

एक साल पहले उग्र भीड़ ने फूंक दी थी पुलिस चौकी

चौरीचौरा सर्किल में विवाद जब भी हुआ है तो बड़ा ही हुआ है। भीड़ सड़क पर आने के बाद संभालना मुश्किल हो जाता है। पांच मई 2021 को पंचायत चुनाव परिणाम के बाद धांधली का आरोप लगाते हुए ग्रामीण सड़क पर आ गए थे। इस दौरान पुलिस पर हमला करने के साथ ही ग्रामीणों ने नई बाजार पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में पुलिस गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपितों को जेल भी भेजा था। इसके पहले भी झंगहा और चौरीचौरा में इस तरह के विवाद हो चुके हैं।

 

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गोरखपुर में बवाल: पटरी जाम की कोशिश। - फोटो : अमर उजाला।

परिजनों का आरोप, मौत के दो दिन बाद दी गई सूचना

जवान धनंजय यादव के परिजनों का आरोप है कि मौत के दो दिन बाद उन्हें सूचना दी गई। उनका कहना है कि धनंजय से उनकी अंतिम बार 20 मार्च शाम पांच बजे बातचीत हुई थी। उसने थोड़ी देर बाद बात करने को कहा था, लेकिन फिर बात नहीं हो पाई। फिर 22 मार्च को उसके साथी ने बताया कि उसकी मौत हो गई थी। इसकी पुष्टि के लिए रामनाथ ने एक अधिकारी से बात की तो पुष्टि हुई।

 
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गोरखपुर में बवाल: जवान का शव ले जाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला।

नवंबर में तय थी धनंजय की शादी

जवान धनंजय यादव की शादी गगहा इलाके की रहने वाली एक युवती से तय थी। नवंबर में शादी होनी थी, लेकिन इसके पहले ही मौत हो गई।
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गोरखपुर में बवाल: सड़क पर बिखरा ईट-पत्थर। - फोटो : अमर उजाला।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि चौरीचौरा स्टेशन पर कुछ लोगों के समूह के ट्रैक पर आ जाने से लगभग एक घंटा यातायात बाधित रहा। लोगों को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया गया, जिसके बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सका।

 
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