भारत में एनआरसी और सीएए को लेकर सख्ती के चलते घुसपैठ पर रोक लगी तो रोहिंग्या सीमावर्ती नेपाल को अपना ठिकाना बना रहे हैं। नेपाल सरकार ने नेपाल के धाधींग में 35 नए रोहिंग्या परिवार को नया आशियाना दिया है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कुछ दिन पहले अच्छी खासी तादाद में रोहिंग्या परिवारों ने नेपाल का रुख किया।
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रोहिंग्या परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
इन्हें नेपाल के जेहादी संगठनों ने पूरा सहयोग करते हुए फंड भी उपलब्ध कराया। भारत नेपाल सीमा बीरगंज, बिरतमोड और बर्गनिया के रास्ते रुपये लेकर कुछ संगठन नेपाल में प्रवेश दिला रहे हैं। इसी तरह लासंतूर में 104 रोहिंग्या और इसी समुदाय के कुछ लोगों के पनौती जिले में भी बसने की खबर मिली है।
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रोहिंग्या परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
सैकड़ों की संख्या में रोहिंग्या ने काठमांडू के आसपास डेरा जमाया है। अब हाल में उन्हें काठमांडू से लाकर तराई क्षेत्र में बसाने की योजना है। इन्हें नेपाल के कुछ संगठन फंडिंग कर रहे हैं।
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रोहिंग्या परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही इन्हें भारतीय सीमा से सटे क्षेत्र में जमीने भी खरीदी हैं। इसके अलावा ढाढिंग और लासंतूर जिलों में भी बड़ी संख्या में रोहिंग्या रह रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र से नेपाल की नागरिकता लेने के बाद घुसपैठ की आशंका को लेकर खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
नेपाल रूपनदेही जिले के जिलाधिकारी महादेव पंथ ने बताया कि भारत नेपाल सीमा पर रोहिंग्या शरणार्थियों के रहने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं एसएसबी कंपनी कमांडर सोनौली संजय प्रसाद ने बताया कि सीमा पर एसएसबी जवान चौबीस घंटे जांच कर रहे हैं। साथ ही पगडंडियों पर भी कड़ा पहरा है।