गोरखपुर में कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायल
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जानकारी के मुताबिक, राणा हॉस्पिटल को अब तक सिर्फ 18 वालंटियर मिले हैं। जबकि भारत बायोटेक से 34 लोगों पर ट्रॉयल की मंजूरी मिली है। कोरोना वैक्सीन के ट्रॉयल को लेकर शासन की ओर से काफी दबाव था। पहले चरण का ट्रॉयल 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा करना था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के पास वालंटियर नहीं थे। महज 10 वालंटियर की शारीरिक जांच की प्रक्रिया पूरी हुई थी। ट्रॉयल की तय समय सीमा होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में 10 वालंटियर को वैक्सीन का डोज दिया है। डोज देने के बाद वालंटियर को हॉस्पिटल के डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। इसकी पुष्टि हॉस्पिटल के मैनेजर वेंकटेश ने की है।