प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
इन सवालों का नहीं मिल सका जवाब
- बुजुर्ग शांति की मौत के बाद बेटे ने किसी को सूचना क्यों नहीं दी
- मौत का असल कारण गिरने से लगी चोट है या फिर कुछ और
- मौत स्वाभाविक थी तो फिर तख्त के नीचे शव को क्यों छिपाया
- एक महीने पहले किरायेदार फिर पत्नी का अचानक घर से चले जाना
- दो औलादों का पिता है निखिल, तो फिर मौत कैसे नहीं जान पाया
बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण बिहारी दुबे ने कहा कि संदिग्ध हाल में मौत होने पर पोस्टमार्टम आवश्यक होता है। जिस तरह से बुजुर्ग महिला की मौत हुई है, वह पूरी तरह से संदिग्ध है। अगर, स्वाभाविक मौत होती तो उसे छिपाया नहीं जाता, तत्काल सूचना रिश्तेदार या फिर पुलिस को दी जाती। छिपाने का मतलब है, कोई और वजह रही होगी। पुलिस का पोस्टमार्टम न कराना कानून रुप से सही नहीं है।