आज हम आपको पूर्वांचल के ऐसे नेता की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसके लिए गोरखपुर के आला अधिकारी 22 से अधिक रिमाइंडर दे चुके हैं, फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। इनका नाम पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्वांचल के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी है। इनके घर ‘तिवारी हाता’ पर पुलिस के छापे के बाद बैठाई गई जांच दो साल से अधिक समय से पेंडिंग है। दरअसल, मातहत पुलिस अधिकारी आरोपियों से बयान लेने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के महज एक माह बाद 22 अप्रैल 2017 को आनन-फानन की गई गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई अब उसके ही हलक की फांस बन गई है।
उस वक्त पूर्वांचल का पारा अचानक चढ़ गया था। बम..बम शंकर... जय हरिशंकर के नारे से आधा शहर गूंज उठा था। हम बात कर रहे है पूर्व कैबिनेट मंत्री व बाहुबली हरिशंकर तिवारी के घर छापेमारी का। उस तिवारी हाता में पुलिस अब नहीं जाना चाहती है, ना ही किसी से संपर्क करने की ही कोशिश करती है। पुलिस की मजबूरी कहें या 83 साल की उम्र में भी हरिशंकर तिवारी की हनक कि जांच कब और कैसे पूरी होगी इस पर भी अफसर बोलने से बचते हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...