AIIMS Gorakhpur
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8 करोड़ से बढ़ी सुविधा
8 करोड़ रुपये की लागत से डुअल एनर्जी की रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी, सीटी सिम्युलेटर मशीनें भी जल्द लग जाएंगी। इससे हीमोफीलिया मरीजों की जांच व इलाज में कोई समस्या नहीं होगी।
करीब सात करोड़ आबादी को मिलेगा फायदा
गोरखपुर एम्स की चिकित्सकीय सुविधाओं का फायदा पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड और नेपाल तक के लोगों को मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक करीब सात करोड़ की आबादी के लिए विश्व स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा के किए यह एम्स सबसे बड़ा केंद्र बना है।