फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफेद के साथ अब बाजार में बिकेंगे गुलाबी रंग के मशरूम, जानिए क्या है इसका लाभ

Mon, 02 Nov 2020 09:06 AM IST
vivek shukla विकास पाठक, बस्ती।
विज्ञापन
1 of 5
mushroom - फोटो : अमर उजाला।
बस्ती जिले के मशरूम उत्पादकों को इस बार पिंक मशरूम के स्पान (बीज) वितरित किए जाएंगे। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के मशरूम विभाग से बीज वितरित किए जाएंगे। पिंक मशरूम के स्पान आने के बाद जिले में चार प्रजाति के मशरूम पैदा किए जाएंगे। रंगीन होने के कारण यह बेहद आकर्षक लगता है।

 
विज्ञापन

2 of 5
mushroom - फोटो : अमर उजाला
अब तक बटन, ढिंगरी व दूधिया प्रजाति के मशरूम उत्पादित किए जाते हैं, जो सफेद या मटमैले रंग के होते हैं। इस बार पिंक मशरूम के स्पान भी तैयार किए जाएंगे। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर उत्तराखंड से उद्यान विभाग पिंक मशरूम कल्चर मंगवा रहा है।


 
विज्ञापन

3 of 5
mushroom - फोटो : getty images
मशरूम के विभागाध्यक्ष विवेक वर्मा बताते हैं कि कल्चर से स्पान तैयार करने में करीब 20 दिन का समय लगता है। इसके बाद तैयार स्पान उत्पादकों को वितरित किए जाएंगे। पिंक मशरूम देखने में काफी आकर्षक और स्वाद में बेहद लजीज होते हैं। बाजार में इसकी कीमत सफेद मशरूम से ज्यादा होती है। प्रति सौ ग्राम ताजे मशरूम में करीब 90.1 ग्राम जल, 2.1 ग्राम प्रोटीन, एक ग्राम वसा, 4.7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, ऊर्जा 36 ग्राम पाई जाती है।

4 of 5
मशरूम - फोटो : Pixabay
तीन सौ से अधिक हैं उत्पादक
जिले में हर्रैया तहसील का हसीनाबाद और उभाएं क्षेत्र मशरूम उत्पादन का हब है। यहां उत्पादित मशरूम को आसपास के जिले के व्यापारी उत्पादन स्थल से ही खरीद लेते हैं। इससे उत्पादकों को बेचने के लिए अतिरिक्त श्रम नहीं करना पड़ता। कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. आरवी सिंह बताते हैं कि सिर्फ हर्रैया क्षेत्र में 300 से 350 मशरूम उत्पादक हैं। इसके अलावा जिले के अन्य भागों में भी उत्पादन किया जा रहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मशरुम - फोटो : pixabay
231 लोग ले चुके हैं प्रशिक्षण
औद्योगिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र का मशरूम विभाग पूर्वांचल के कई जिलों के किसान व बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देता है। इनमें बस्ती सहित गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच आदि जिले के लोग शामिल हैं। विभागाध्यक्ष विवेक वर्मा बताते हैं कि चालू साल में अब तक करीब 231 लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जिसमें 46 महिलाएं शामिल हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें