जिस तरह से गोरक्षपीठ ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया है, वैसा ही संदेश अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर से भी मिलेगा। गोरक्षपीठ के मुख्य पुजारी कमलनाथ अनुसूचित जाति (एससी) के हैं।
अब राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में एक अनुसूचित जाति को रखने का फैसला हुआ है, जो सामाजिक समरसता को बढ़ाने वाला साबित होगा। आपको बता दें कि गोरखनाथ मंदिर की यह परंपरा पुरानी है। गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वरों ने छुआछूत के खिलाफ अभियान चला कर समरसता का बड़ा संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में राम जन्म भूमि ट्रस्ट का जब एलान किया तो गोरखनाथ मंदिर में जश्न मनाया गया। इसी बीच खबर आई कि ट्रस्ट का एक सदस्य एससी रहेगा। इसका भी गोरखनाथ मंदिर के कर्ताधर्ता ने स्वागत किया।