कोरोना संकटकाल की वजह से आठ महीने से बंद पड़ा नौका विहार बुधवार से पर्यटकों से गुलजार नजर आने लगा। जहां अरसे बाद परिवार और मित्रों के साथ पहुंचे शहरवासियों ने रामगढ़ताल की खूबसूरती, बोटिंग का आनंद लेने के साथ ही सुनहरे पलों को सेल्फी और ग्रुप फोटो के माध्यम से कैद किया।
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नौका विहार पर बोटिंग का आनंद लेते शहरवासी।
- फोटो : अमर उजाला।
सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पुलिस भी लेक व्यू प्वाइंट पर मुस्तैद नजर आई। वहां आने वाले पर्यटकों को थर्मल स्कैनिंग के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। पुलिसकर्मी मास्क अनिवार्य रूप से लगाने की सलाह देने के साथ ही छह फीट की दूरी का पालन करने की नसीहत देते नजर आए। बिना मास्क के पहुंचे लोगों को मास्क प्रदान किया।
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शहरवासियों ने ग्रुप फोटो के माध्यम से कैद किया सुनहरा पल।
- फोटो : अमर उजाला।
रामगढ़ ताल के किनारे नौका विहार पर पुलिस बूथ के प्रवेश द्वार से लेकर अशफाक उल्ला खां चिड़ियाघर तक लोगों की चहल-पहल दिखी। पहले दिन सुबह से लेकर शाम तक तीन हजार से अधिक लोग पहुंचे। बहुत से लोग जेट्टी और लेक व्यू प्वाइंट पर भी पहुंचना चाहते थे लेकिन नई व्यवस्था में पांच रुपये टिकट लगने के कारण लोग झील के किनारे ही चिड़ियाघर की तरफ बढ़ जा रहे थे।
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बोटिंग का आनंद लेते युवा।
- फोटो : अमर उजाला।
मित्र के साथ पहुंचे बशारतपुर के अभिषेक ने बताया कि फरवरी में आखिरी बार नौका विहार आया था, उसके बाद कोरोना संकट की वजह से दूरी बनानी पड़ी। आज यहां लौटकर मन को सुकून मिल रहा है। परिवार के साथ पहुंचे राहुल सिंह ने कहा कि आकर अच्छा महसूस हो रहा है। अपने साथ परिवार की भी सुरक्षा का ख्याल रख रहा हूं।
थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिला प्रवेश।
- फोटो : अमर उजाला।
संख्या बढ़ी तो रोक दिया प्रवेश
जेट्टी पर सुबह से ही लोगों के पहुंचने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह शाम तक जारी रहा। इस दौरान कई बार अंदर जाने वालों की संख्या बढ़ने लग रही थी, इसे देखते हुए प्रवेश रोकना पड़ रहा था। नौकायन समिति के सचिव राधेश्याम निषाद ने बताया कि जेट्टी के प्रवेश द्वार पर कोविड-19 से सुरक्षा के सभी उपाय किए गए हैं। यह समिति की जिम्मेदारी है कि एक बार में जेट्टी पर सौ से अधिक की संख्या न हो। इसीलिए गेट पर काउंटर लगाया गया है।