वर्ष-1988 में जब कैरेबियाई टीम का क्रिकेट में डंका बज रहा था। विवियन रिचर्ड्स, कार्ल हूपर जैसे बल्लेबाज जब बड़े से बड़े गेंदबाज की मैदान पर अकड़ निकाल देते थे। ऐसे में गोरखपुर के लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी ने भारतीय टीम से अपना पहला टेस्ट मैच खेलते हुए वेस्टइंडीज की दोनों पालियों में 16(8-8) विकेट झटक कर अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपना नाम रोशन किया था। आज भी ये रिकॉर्ड बदस्तूर इनके नाम से जुड़ा है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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नरेंद्र हिरवानी
- फोटो : fb @Narendra hirwani
चेन्नई की पिच पर 19 साल के नरेंद्र ने मैच में 136 रन देकर 16 विकेट झटके थे। पहले ही मैच में नरेंद्र हिरवानी ने गेंदबाजी का ऐसा जौहर दिखाया कि अच्छे-अच्छे खिलाड़ी भौचक्के रहे गए। जिन लोगों ने इस मैच को दूरदर्शन पर लाइव देखा था। उन्हें आज भी नरेंद्र हिरवानी की गेंदबाजी याद है।
उनके परिवार में भी दो दिनों तक बेटे की उपलब्धि का जश्न मनाया गया था। सुभाषनगर में रहने वाले भतीजे दिलीप हिरवानी ने बताया कि वेस्टइंडीज की दूसरी और मैच की चौथी पारी पांचवें दिन समाप्त हुई। जिसमें नरेंद्र हिरवानी का जलवा रहा। पहली पारी में 8 विकेट झटकने वाले हिरवानी को भी नहीं पता था कि वे अपने पहले ही मैच में 16 विकेट अपने नाम कर लेंगे। मैच के चौथे और पांचवें दिन नरेंद्र हिरवानी ने वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में 8 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारतीय टीम को मैच जीता दिया। आठ साल के अंतरराष्ट्रीय कैरियर के बाद नरेंद्र ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। वो काफी समय तक भारतीय टीम के चयनकर्त्ता के रूप में भी मौजूद थे।
सुभाषनगर में रहता है परिवार, विद्या मंदिर से की पढ़ाई
गोरखपुर में रहने वाले भतीजे दिलीप हिरवानी ने बताया कि नरेंद्र हिरवानी का परिवार सुभाषनगर में रहता था। प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर से शुरू हुई। जो आगे चलकर एमपी इंटर कॉलेज से होते हुए वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज तक पहुंची। उन्होंने बताया कि उनके पिता दीपचंद हिरवानी ईट भट्टा के कारोबारी थे। आठ भाई बहनों में नरेंद्र को बचपन से ही क्रिकेट में लगाव था। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने क्रिकेट में चमक बिखेरनी शुरू कर दी थी।
आठ साल तक खेला क्रिकेट
नरेंद्र हिरवानी ने आठ साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला। उन्होंने इस दौरान कुल 17 टेस्ट मैच खेले और 66 विकेट लिए। 18 वनडे मैच में उनके नाम 23 विकेट दर्ज है। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच 1996 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला। प्रथम श्रेणी मैचों में हिरवानी ने 167 मैच में 732 विकेट लिए हैं।
सिर्फ दो गेंदबाजों ने किया है ये कमाल
साल 1972 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के गेंदबाज बॉब मैसी ने डेब्यू टेस्ट मैच में 16 विकेट अपने नाम किए थे। हालांकि, उन्होंने 137 रन खर्च कर इतने विकेट चटकाए थे। जबकि भारतीय स्पिनर नरेंद्र हिरवानी ने 136 रन देकर 16 विकेट लिए थे जो कि वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बॉब मैसी और नरेंद्र हिरवानी ही दो ऐसे गेंदबाज हैं। जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 8-8 विकेट अपने नाम किए थे।