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महराजगंज: अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे मासूम को छोड़ गई मां, चार दिन बाद थम गईं सांसें

Sat, 22 May 2021 03:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
'इतना निर्दयी कैसे तुम मां हो गई मुझे आईसीयू में दर्द सहना काफी कठिन हो गया था। लेकिन तुम मुझे अकेला तड़पता छोड़कर चली गई।' यह कहना किसी और का नहीं बल्कि महराजगंज जिला अस्पताल के इंसेफेलाइटिस आईसीयू में भर्ती नेपाल के चार साल के मासूम का है। मासूम की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मां उसे अस्पताल में छोड़कर लौट गई। उसके चार दिन बाद वह अस्पताल नहीं आई। जबकि मासूम अकेले जिंदगी और मौत से संघर्ष करता रहा। अंत में मासूम की गुरुवार रात को सांसें थम गई। मासूम की मौत के बाद भी अगर शनिवार यानी आज कोई परिजन अस्पताल नहीं पहुंचता है तो उसका अंतिम संस्कार प्रशासन की मौजूदगी में की जाएगी। तब तक मासूम का शव मोर्चरी में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल के इंसेफेलाइटिस आईसीयू में भर्ती यह मासूम नेपाल राष्ट्र के नवलपरासी जिला अंतर्गत एक गांव निवासी है। जिसे तेज बुखार के साथ जोर से झटका आ रहा था। जिसे इलाज के लिए बीते 12 मई को महराजगंज जिला अस्पताल लाया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वहीं चिकित्सकों ने इंसेफेलाइटिस का लक्षण देख मासूम को इंसेफेलाइटिस आईसीयू में भर्ती कर इलाज करना शुरू कर दिया। उसके बाद चिकित्सकों की जांच में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की पुष्टि की गई। जबकि बीमारी के चलते मासूम बेहोश था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
चार दिन इलाज चलने के बाद भी बुखार कम नहीं हुआ तो 18 मई को उसकी कोरोना जांच की गई। इस दौरान मासूम की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जिसके बाद उसकी मां मासूम को छोड़ अस्पताल से वापस लौट गई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
हालांकि इंसेफेलाइटिस वार्ड में लावारिस इस मासूम की देखभाल कई दिनों तक नर्सों के भरोसे चलता रहा। लेकिन चिकित्सकों और अस्पताल के स्टाफ नर्सों की लाख कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। मासूम ने इलाज के दौरान गुरुवार की रात दम तोड़ दिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा मासूम को बचाने की काफी प्रयास की गईं। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं मृत मासूम के परिजनों का इंतजार शनिवार तक किया जाएगा। अगर कोई नहीं आता है तो तहसील प्रशासन की मौजूदगी में मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
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