gorakhpur railway station
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गोपालगंज के मनोज गुप्ता का कहना है कि साहब, परिवार को घर छोड़कर जा रहा हूं। यह सही है कि बड़ी मुश्किल से लॉकडाउन के बीच मार्च के अंतिम सप्ताह में दिल्ली से घर पहुंचे थे। लेकिन,गांव में कोई काम मिल ही नहीं रहा है। कितने दिन तक उधार पर गाड़ी चलेगी। वापस दिल्ली जा रहा हूं, अब तो कोरोना के बीच ही जिंदगी जीना है।