ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय।
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व्रत का महत्व
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहते है। धर्मशास्त्र के अनुसार जिस दिन अर्धरात्रि में चतुदर्शी हो, उसी दिन शिवरात्रि का व्रत करना चाहिए। जो व्यक्ति शिवरात्रि को निर्जला व्रत रहकर जागरण और रात्रि के चारों प्रहरों में चार बार पूजा करता है, वह शिवसायुज्य को प्राप्त करता है। शिवरात्रि माहात्म्य में लिखा है कि शिवरात्रि से बढ़कर कोई दूसरा व्रत नहीं है।