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कोरोना से बचने के लिए पी रहे थे काढ़ा, अब इस बीमारी ने जूझ रहे हैं लोग

Fri, 28 Aug 2020 09:00 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कोरोना वायरस।
गोरखपुर में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को लोग काढ़े का अधिक सेवन कर रहे हैं। इस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। पेट की बीमारियां बढ़ गई हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, काढ़े के बेहिसाब सेवन से लिवर को खतरा हो सकता है। बिना डॉक्टरों की सलाह के प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली सामग्रियों का सेवन खतरनाक है।
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गोरखपुर में कोरोना। - फोटो : Social Media
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग सोशल मीडिया से आधी-अधूरी जानकारियां लेकर खुद को बीमार बना रहे हैं। काढ़े और विटामिन सी का बेहिसाब सेवन अब स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगा है। जिला अस्पताल में कई ऐसे मरीज आ रहे हैं, जो पेट में मरोड़, कब्ज और जलन जैसी समस्याओं से परेशान हैं। डॉक्टरों ने खान-पान के बारे में पूछा तो पता चला कि इन लोगों ने प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा और विटामिन सी की गोलियों का सेवन किया है। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि डॉक्टरों की सलाह के बिना प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली सामग्रियों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

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दालचीनी
दालचीनी में हेपा टॉक्सिन ज्यादा, लिवर को खतरा
आयुर्वेदाचार्य डॉ. केशव ने बताया कि गिलोय की मात्रा अधिक होने से सेहत को नुकसान पहुंचता है। दालचीनी के अधिक प्रयोग से खतरा ज्यादा है। दालचीनी गर्म है, इसमें हेपा टॉक्सि ज्यादा होता है। यह शरीर के अंदर की चीजों को सुखाती है। दालचीनी की मात्रा अधिक होने से ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। सुस्ती व अवसाद की समस्या हो सकती है। लिवर को खतरा हो सकता है। इसकी वजह से पेट में मरोड़, गैस, कब्ज आदि की समस्या हो सकती है। यह शरीर की सफाई भी करती है, इसलिए छींक आना, नाक से पानी गिरने की समस्या आ रही है तो घबराएं नहीं।
 

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काढ़ा - फोटो : amar ujala
काढ़ा सही मात्रा में ही करें प्रयोग
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. प्रकाश चंद्र ने बताया कि काढ़ा के लिए तमाम चीजों को शामिल करते हुए उसे सोशल मीडिया पर प्रयोग करने के तरीके बताए जा रहे हैं। जबकि प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए केवल चार चीजों का काढ़ा पर्याप्त है। चार ग्राम तुलसी का पत्ता, दो ग्राम दालचीनी, दो ग्राम अदरक, एक ग्राम काली मिर्च को आधा लीटर पानी में उबाल लें। जब आधा रह जाए तो आग से उतार लें। एक कप सुबह-शाम ले सकते हैं। यदि घर पर बनाना संभव नहीं है तो बाजार में काढ़ा का टेबलेट आ गया है। उसका उपयोग करें। एक टेबलेट, एक कप पानी में डालकर हल्का उबाल लें। उसे सुबह-शाम पीएं।

 
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गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे पेट के मरीज
जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 10 फीसदी मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें पेट में मरोड़, दर्द, कब्ज और गैस आदि की समस्याएं होती हैं। इन लोगों ने बताया कि हाल के दिनों में घर पर कई बार काढ़े का सेवन किया है। इसके अलावा एक हजार से 1500 मिलीग्राम तक विटामिन सी की गोलियां भी लिए हैं। एहतियात के तौर पर हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन की गोली लेने वाले इक्के-दुक्के मरीज भी आए। उन्हें सलाह दी गई है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न खाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर की सलाह पर लें विटामिन सी
फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि एक वयस्क व्यक्ति के लिए एक दिन में विटामिन सी का पांच सौ एमजी डोज है। हालांकि, कोरोना को देखते हुए आईसीएमआर ने एक दिन में एक हजार एमजी विटामिन सी लेने की सलाह दी है। इसकी कोई भी मात्रा लेने के पूर्व डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ज्यादा होने पर पेट से संबंधित समस्या पैदा हो सकती है। एसिडिटी हो सकती है। गोली खाने से बेहतर है कि विटामिन सी वाले फल, नींबू, संतरा आदि का उपयोग करें।
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