सुपरमून 2020
- फोटो : रवि बत्रा
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा का केवल 59 फीसदी हिस्सा ही पृथ्वी से देखा जा सकता है। चंद्रमा की पृथ्वी के चक्कर काटने की कक्षा अंडाकार है। इस वजह से कई बार यह पृथ्वी के काफी पास तक आ जाता है। इस सुपरमून के दौरान यह पृथ्वी के 23 हजार किलोमीटर तक करीब होगा। सुपरमून के वक्त पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी घटकर केवल 3,61,184 किलोमीटर तक रह जाएगी। जिस वजह से ये धरती से ज्यादा बड़ा और चमकदार नजर आएगा।